उद्योग बंद करना समाधान नहीं, लापरवाही पर लगाम लगाना जरूरी — श्याम गुप्ता



चिमनियों से निकलता धुआं मानव जीवन, पर्यावरण और बेजुबान जीवों के लिए बन रहा खतरा; नियमों के पालन की उठी मांग

रायगढ़। रायगढ़ जिले में स्थापित उद्योगों को लेकर प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश सचिव एवं नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष-संस्थापक श्याम कुमार गुप्ता ने प्रदूषण और पर्यावरणीय लापरवाही को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि उद्योगों को बंद करना हर समस्या का समाधान नहीं है, लेकिन यदि नीयत साफ हो तो उद्योगों में होने वाली लापरवाही पर निश्चित रूप से लगाम लगाई जा सकती है।
श्याम गुप्ता ने कहा कि उद्योग क्षेत्र के विकास और रोजगार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन विकास की कीमत मानव जीवन, प्रकृति, पर्यावरण और बेजुबान जीवों की सुरक्षा से नहीं चुकाई जा सकती। शासन-प्रशासन द्वारा निर्धारित पर्यावरणीय एवं सुरक्षा नियमों का पालन करना प्रत्येक उद्योग संचालक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि चिमनियों से निकलने वाला धुआं यदि निर्धारित मानकों के अनुरूप नियंत्रित नहीं किया जा रहा है, तो उसका असर आसपास के वातावरण, लोगों के जीवन तथा पशु-पक्षियों पर पड़ सकता है। ऐसे मामलों में प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था की नियमित निगरानी और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई आवश्यक है।
दौरे के दौरान सामने आया प्रदूषण का मुद्दा
श्याम कुमार गुप्ता ने बताया कि चापा दौरे पर उनके साथ रायगढ़ जिला अध्यक्ष हिमांशु चौहान एवं जिला उपाध्यक्ष परमजीत सिंह भाटिया मौजूद थे। इसी दौरान खरसिया ब्लॉक क्षेत्र में स्थित स्काई अलायंस प्लांट की चिमनी से निकलता धुआं उन्होंने देखा। उनके अनुसार, इस दृश्य ने उन्हें जनहित और पर्यावरण संरक्षण के इस विषय पर सार्वजनिक रूप से आवाज उठाने के लिए मजबूर किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी उद्योग विशेष को बंद कराने की मांग नहीं, बल्कि जिम्मेदार औद्योगिक संचालन, पर्यावरण संरक्षण और शासन के निर्धारित नियमों के पालन का विषय है। उद्योग चलते रहें, रोजगार बढ़े और जिले का विकास हो, लेकिन इसके साथ प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा भी सर्वोच्च प्राथमिकता में होनी चाहिए।
जनहित और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों पर प्रेस रिपोर्टर क्लब लगातार गंभीर

श्याम गुप्ता ने कहा कि रायगढ़ जिला प्रेस रिपोर्टर क्लब के सभी पदाधिकारी जनहित, जलहित और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार गंभीर हैं और इन विषयों पर लगातार आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानव जीवन, जल, जंगल, जमीन, हवा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे केवल किसी एक व्यक्ति या संगठन की जिम्मेदारी नहीं हैं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी हैं।
उन्होंने बताया कि रायगढ़ जिला अध्यक्ष हिमांशु चौहान, जिला उपाध्यक्ष परमजीत सिंह भाटिया, पिंगल बघेल, निलाम्बर पटेल, धर्मेंद्र पानी, विभूति प्रधान, शत्रुघ्न साहू, सुमित पटेल, पूजा जायसवाल, राजेश शर्मा, बिल्लू, केशव दास सहित प्रेस रिपोर्टर क्लब के सभी पदाधिकारी जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय हैं और संबंधित समस्याओं को शासन-प्रशासन तथा आम जनता के सामने उठाते रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि शक्ति जिला अध्यक्ष समीर मलिक भी अपने क्षेत्र के साथ रायगढ़ जिले में जनहित एवं पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय रहते हैं और इन विषयों पर जागरूकता एवं समाधान की दिशा में लगातार प्रयास करते हैं।
श्याम गुप्ता ने कहा कि हम सबको मिलकर ही ऐसी समस्याओं के समाधान की दिशा में आगे बढ़ना होगा। जनता की जागरूकता और सहभागिता के बिना पर्यावरण संरक्षण तथा प्रदूषण नियंत्रण की मुहिम को मजबूत करना मुश्किल है। यदि रायगढ़ जिले की जनता जलहित और पर्यावरण के मुद्दों को लेकर जागरूक होकर अपनी आवाज उठाएगी, तो इन समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रयास आगे बढ़ सकते हैं।
शासन-प्रशासन और जनता का ध्यान आकर्षित करते रहेंगे
श्याम गुप्ता ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि जलहित, पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लगातार शासन-प्रशासन तथा रायगढ़ जिले की जनता के संज्ञान में लाया जाए। जहां भी जनहित से जुड़े गंभीर विषय सामने आएंगे, वहां तथ्यों के आधार पर संबंधित विभागों का ध्यान आकर्षित करने और समाधान की दिशा में प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “प्रकृति केवल इंसानों की नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों और आने वाली पीढ़ियों की भी धरोहर है। उद्योग और विकास जरूरी हैं, लेकिन ऐसा विकास नहीं होना चाहिए जो हवा, पानी, जमीन और जीव-जगत के लिए खतरा बन जाए।”
उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि जिन औद्योगिक इकाइयों के संबंध में प्रदूषण को लेकर शिकायतें सामने आती हैं, वहां नियमानुसार जांच, उत्सर्जन की निगरानी और पर्यावरणीय मानकों के पालन की समीक्षा की जाए। यदि कहीं नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन कायम रह सके।
