कारीगर मंत्रालय की मांग को राष्ट्रीय स्वर देने की तैयारी, कृष्णा प्रजापति को छत्तीसगढ़ में बड़ी जिम्मेदारी


श्याम कुमार गुप्ता ने अपने परम शिष्य को दी शुभकामनाएं, कहा—कृष्णा के जमीनी संघर्ष पर पूरा विश्वास

रायपुर। देश के पारंपरिक एवं वंशानुगत कारीगरों के अधिकार, सम्मान, संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर अलग कारीगर मंत्रालय की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी तेज हो गई है। वी. विश्वनाथ जी के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान में छत्तीसगढ़ में जमीनी स्तर पर अभियान को मजबूत करने की जिम्मेदारी कृष्णा प्रजापति को सौंपे जाने की तैयारी है।
कृष्णा प्रजापति वर्ष 2014 से वी. विश्वनाथ जी के साथ जुड़े हुए हैं और लगातार जमीनी स्तर पर कार्य करते रहे हैं। आगामी 31 अक्टूबर को कन्याकुमारी में 29 राज्यों के प्रतिनिधियों की प्रस्तावित बैठक में कारीगर मंत्रालय की मांग, संगठन विस्तार और राष्ट्रीय रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा होने की बात कही गई है।
अभियान से जुड़े लोगों के अनुसार अलग कारीगर मंत्रालय के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों के प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता, ऋण, सामाजिक सुरक्षा, आधुनिक तकनीक, बाजार और ई-कॉमर्स जैसी आवश्यकताओं पर अधिक केंद्रित प्रयास की संभावना बन सकती है।
PM Vishwakarma योजना के तहत छत्तीसगढ़ के साझा किए गए आंकड़ों में 9,82,138 पंजीकरण, 1,16,442 प्रशिक्षण प्राप्त कारीगर और 58,217 टूलकिट प्राप्त लाभार्थियों का उल्लेख किया गया है।
इस अवसर पर प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश सचिव एवं नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष रेंसी श्याम कुमार गुप्ता ने अपने परम शिष्य कृष्णा प्रजापति को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कृष्णा जमीनी स्तर पर काम करने वाले समर्पित व्यक्तित्व हैं। उन्हें पूरा विश्वास है कि कृष्णा प्रजापति कारीगरों के हित से जुड़े इस अभियान को पूरी निष्ठा और सेवा भावना के साथ आगे बढ़ाएंगे तथा अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि कारीगरों का हुनर केवल रोजगार नहीं, बल्कि देश की समृद्ध परंपरा और विरासत है। इस हुनर को सम्मान, संरक्षण और मजबूत आर्थिक आधार मिलना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
