रायगढ़ की खेल प्रतिभाओं को मिले मंच, कोचों को मिले सम्मान और सहयोग : राजेश शर्मा बिल्लू

कलेक्टर के माध्यम से जिले में शुरू हो खेल प्रोत्साहन अभियान, गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के प्रतिभावान खिलाड़ियों को मिले विशेष अवसर
रायगढ़। रायगढ़ जिले में विभिन्न खेलों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन के नेतृत्व में एक व्यापक खेल प्रोत्साहन अभियान शुरू किए जाने की आवश्यकता है। जिले में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन आर्थिक संसाधनों और उचित मार्गदर्शन के अभाव में अनेक प्रतिभावान खिलाड़ी राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुंच पाते। इसी महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर प्रेस रिपोर्टर क्लब के राजेश शर्मा ‘बिल्लू’ जी ने जिला प्रशासन से विशेष पहल की मांग की है।
राजेश शर्मा बिल्लू, जो स्पोर्ट्स एम्पोरियम के संचालक भी हैं और लंबे समय से विभिन्न खेलों से जुड़े खिलाड़ियों तथा खेल प्रेमियों के संपर्क में रहते हैं, ने कहा कि उनके पास आने वाले अनेक खिलाड़ी अपनी समस्याएं साझा करते हैं। इन बातचीत से उन्हें यह महसूस होता है कि रायगढ़ में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं, बल्कि उन्हें सही समय पर प्रोत्साहन, प्रशिक्षण, संसाधन और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि कलेक्टर के निर्देश में जिले में एक विशेष खेल प्रोत्साहन अभियान शुरू किया जाना चाहिए। इसके अंतर्गत रायगढ़ शहर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, खेल मैदानों, इंडोर हॉल के साथ-साथ जिले के विभिन्न विकासखंडों और ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध खेल मैदानों एवं खेल सुविधाओं को अभियान से जोड़ा जाए।
वरिष्ठ और अनुभवी कोचों को जोड़ा जाए अभियान से
राजेश शर्मा बिल्लू ने सुझाव दिया कि जिले के विभिन्न खेलों के वरिष्ठ एवं अनुभवी प्रशिक्षकों और कोचों की एक टीम तैयार की जाए। इसमें सरकारी एवं निजी क्षेत्र में प्रशिक्षण देने वाले योग्य कोचों को शामिल किया जा सकता है।
यह टीम अलग-अलग क्षेत्रों में प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें उचित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराए। विशेष रूप से ऐसे बच्चों पर ध्यान दिया जाए जो मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों से आते हैं, लेकिन खेल के प्रति उनकी प्रतिभा और लगन उन्हें आगे बढ़ने की क्षमता रखती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ियों के लिए न्यूनतम और व्यावहारिक राशि निर्धारित कर प्रशिक्षण, खेल सामग्री तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा सकती है। इससे आर्थिक कारणों से प्रतिभाओं के खेल छोड़ने की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।
प्रतिभावान कोचों को भी मिले प्रोत्साहन
राजेश शर्मा बिल्लू ने खेल प्रशिक्षकों की समस्या को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जिले में ऐसे अनेक प्रतिभावान कोच और प्रशिक्षक हैं, जिनके पास अनुभव और क्षमता होने के बावजूद पर्याप्त प्रोत्साहन एवं आर्थिक सहयोग नहीं मिल पाता। परिणामस्वरूप कई प्रशिक्षकों को अपना खेल और प्रशिक्षण का क्षेत्र छोड़कर रोजी-रोटी के लिए दूसरे निजी कार्यों या नौकरियों की ओर जाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के साथ-साथ अच्छे कोचों को बचाना और उन्हें प्रोत्साहित करना भी उतना ही जरूरी है। यदि अनुभवी प्रशिक्षकों को उचित मंच, सम्मान और आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी तो वे अपनी प्रतिभा और अनुभव का उपयोग नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करने में कर सकेंगे।
जिला स्तर पर बने विशेष खेल प्रोत्साहन दल
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि विभिन्न खेल विधाओं के विशेषज्ञों, वरिष्ठ कोचों, खेल प्रेमियों और संबंधित विभागों को जोड़कर एक विशेष जिला खेल प्रोत्साहन टीम का गठन किया जाए। यह टीम जिले में खेल प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए समन्वित रूप से काम करे।
राजेश शर्मा बिल्लू ने कहा कि यदि जिला प्रशासन इस दिशा में गंभीर पहल करता है तो रायगढ़ जिले की अनेक ऐसी प्रतिभाएं सामने आ सकती हैं, जो भविष्य में राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रायगढ़ और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ समाज के निर्माण का माध्यम भी है। इसलिए रायगढ़ में खेलों के विकास के लिए एक ऐसी स्थायी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जिसमें खिलाड़ी को अवसर, कोच को सम्मान और खेल को आवश्यक संसाधन मिल सकें।
राजेश शर्मा ‘बिल्लू’ ने जिला कलेक्टर से आग्रह किया कि रायगढ़ की खेल प्रतिभाओं के हित में इस दिशा में शीघ्र पहल करते हुए जिले में व्यापक खेल प्रोत्साहन अभियान की शुरुआत की जाए, ताकि आर्थिक परिस्थितियां किसी भी प्रतिभावान खिलाड़ी के सपनों के रास्ते में बाधा न बनें।
