सतनामी समाज से सनातन संस्कृति तक एकता का संदेश, मंत्री खुशवंत जी की पहल का श्याम कुमार गुप्ता ने किया स्वागत



“सतनाम से सनातन तक—सर्व समाज के हित और मानव कल्याण का संदेश”

रायगढ़। सतनाम पंथ के विख्यात महागुरु गुरु घासीदास बाबा के वंशज एवं कैबिनेट मंत्री खुशवंत जी द्वारा सनातन धर्म-संस्कृति के सम्मान, मानव कल्याण और सर्व समाज की एकता को लेकर दिए जा रहे संदेश का प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश सचिव एवं नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक श्याम कुमार गुप्ता ने स्वागत किया है।
श्याम कुमार गुप्ता ने कहा कि सतनामी समाज से आने वाले मंत्री खुशवंत जी द्वारा सनातन धर्म-संस्कृति के सम्मान और सर्व समाज को जोड़ने का संदेश देना सामाजिक समरसता की दिशा में सकारात्मक पहल है। वर्षों से चली आ रही सामाजिक दूरियों और आंतरिक अलगाव को समाप्त करने के लिए ऐसे प्रयासों की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संत परंपरा ने हमेशा मानव कल्याण, समानता, भाईचारे और सर्व समाज के हित का संदेश दिया है। गुरु घासीदास बाबा की शिक्षाओं का मूल उद्देश्य भी समाज में व्याप्त भेदभाव और कुरीतियों को दूर कर मानवता एवं समानता की स्थापना करना रहा है।
खुशवंत जी के संदेश के साथ युवाओं को सशक्त बनाने का प्रयास
श्याम कुमार गुप्ता ने बताया कि उनके परम शिष्य ओम प्रकाश धृतलहरे के नेतृत्व में सतनामी समाज के हजारों युवा एवं युवतियां मार्शल आर्ट से जुड़कर समाज के बच्चों और युवाओं को इस कला के प्रति प्रोत्साहित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल खेल से जोड़ना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मरक्षा, अनुशासन, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास के लिए तैयार करना है। विशेष रूप से बेटियों और युवतियों को मार्शल आर्ट की तकनीक सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
श्याम कुमार गुप्ता ने कहा कि “मंत्री खुशवंत जी का सर्व समाज को जोड़ने वाला संदेश और मेरे परम शिष्य ओम प्रकाश धृतलहरे के नेतृत्व में युवाओं को आत्मरक्षा एवं मार्शल आर्ट से जोड़ने का प्रयास—दोनों ही समाज को सशक्त और एकजुट बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।”
उन्होंने कहा कि जाति और धर्म के नाम पर समाज में दूरियां पैदा करने का दौर अब समाप्त होना चाहिए। राष्ट्रीय एकता, अखंडता, मानव कल्याण और सर्व समाज के हित के लिए सभी को मिलकर आगे बढ़ना होगा।
श्याम कुमार गुप्ता ने कहा कि समाज को बांटने वाली सोच के बजाय समाज को जोड़ने वाली पहल को मजबूत करना ही आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। सतनाम, सनातन, मानवता और सामाजिक समरसता की भावना के साथ सर्व समाज एकजुट होकर आगे बढ़े, यही राष्ट्रहित और मानव कल्याण का वास्तविक मार्ग है।
