वृक्षारोपण कार्यक्रम में ग्रामीणों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्पएकताल ग्राम पंचायत में जिंदल फाउंडेशन के तत्वाधान में संपन्न हुआ आयोजन

रायगढ़, पुसौर।
एकताल ग्राम पंचायत के धनुहारडेरा गांव में रविवार को जिंदल फाउंडेशन के सहयोग से वृक्षारोपण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन के संरक्षक एवं नेहरू युवा केंद्र भारत सरकार के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर बलबीर शर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक रेंशी श्याम गुप्ता, सरपंच संघ अध्यक्ष एवं ग्राम एकताल के सरपंच हिमांशु चौहान उपस्थित रहे। साथ ही महिला समूह राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त झारा शिल्प धनी झारा व बड़ी संख्या में ग्रामवासी कार्यक्रम में शामिल हुए।




कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाना और अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर क्षेत्र को हरित बनाना था। इस अवसर पर सैकड़ों फलदार और छायादार पौधे लगाए गए। आयोजन के दौरान वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपने विचार व्यक्त किए और ग्रामीणों से वृक्षों की नियमित देखभाल करने की अपील की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बलबीर शर्मा ने कहा, “हर नागरिक को एक बच्चे के रूप में एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। जिस तरह हम अपने बच्चों की देखभाल करते हैं, उसी तरह पेड़ भी हमारे जीवन के लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं। ये न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवनदायिनी भी हैं।”
राष्ट्रीय अध्यक्ष रेंशी श्याम गुप्ता ने कहा, “हमें अपने पर्यावरण को बचाने के लिए गंभीरता से सोचना होगा। आज जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण का मुख्य कारण वृक्षों की कमी है। ऐसे में एकमात्र उपाय है अधिक से अधिक वृक्ष लगाना और उनका संरक्षण करना।”
ग्राम सरपंच हिमांशु चौहान ने जिंदल फाउंडेशन के सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा, “जिंदल फाउंडेशन हमेशा से एकताल ग्राम पंचायत के विकास में सहयोगी रहा है। इस बार भी संस्था ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल की है।” उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि लगाए गए हर पौधे को परिवार का सदस्य मानकर उसकी देखभाल करें।
महिला समूहों और ग्रामवासियों ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी ने संकल्प लिया कि वे न सिर्फ पेड़ लगाएंगे, बल्कि उनकी रक्षा भी करेंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने पौधों के संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।
इस तरह का आयोजन न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी कदम है, बल्कि यह समाज में जागरूकता फैलाने का भी माध्यम बनता है। ग्रामीणों में उत्साह और जागरूकता देखकर यह स्पष्ट हो गया कि यदि ऐसे प्रयास नियमित रूप से किए जाएं, तो आने वाले समय में यह क्षेत्र हरा-भरा और प्रदूषणमुक्त बन सकता है।
