पत्रकारों की जमीन पर बनेगा स्टेडियम! छोटे पत्रकारों के आवास का सपना टूटा, प्रेस रिपोर्टर क्लब ने दी आंदोलन की चेतावनी

राजनांदगांव में पत्रकारों के हक की जमीन स्टेडियम को देने पर बवाल, प्रेस रिपोर्टर क्लब बोला— जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट जाएंगे

पत्रकारों के आवास की जमीन पर क्रिकेट स्टेडियम की स्वीकृति, पत्रकार संगठनों में रोष
📰 राजनांदगांव में पत्रकारों के आवास की भूमि पर स्टेडियम का फैसला, प्रेस रिपोर्टर क्लब ने जताया विरोध
राजनांदगांव / छत्तीसगढ़।
राजनांदगांव में पत्रकारों के आवास के लिए सुरक्षित मानी जा रही भूमि को क्रिकेट स्टेडियम निर्माण के लिए स्वीकृत किए जाने की खबर सामने आने के बाद स्थानीय पत्रकार समुदाय में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। वर्षों से छोटे और मझोले पत्रकार इस उम्मीद में थे कि लगभग 5 एकड़ भूमि भविष्य में पत्रकारों के आवास के लिए आवंटित की जाएगी, जिससे सीमित संसाधनों में कार्य करने वाले पत्रकारों को स्थायी आवास की सुविधा मिल सके।
जानकारी के अनुसार अब इस भूमि को क्रिकेट एसोसिएशन को स्टेडियम निर्माण के लिए राज्य शासन के मंत्रिमंडल से स्वीकृति मिल गई है। इस निर्णय से पत्रकारों के बीच असंतोष और चिंता का माहौल बन गया है।
प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह भूमि लंबे समय से पत्रकारों के आवास के लिए प्रस्तावित और अपेक्षित मानी जा रही थी। यदि इसे किसी अन्य उद्देश्य के लिए दे दिया जाता है, तो यह छोटे और संघर्षशील पत्रकारों के हितों के साथ अन्याय होगा।
उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और समाज की आवाज़ को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। ऐसे में पत्रकारों के लिए प्रस्तावित भूमि को किसी अन्य परियोजना में देना उचित नहीं है।
प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी ने स्पष्ट किया कि यदि इस मामले में पत्रकारों के हितों की अनदेखी की जाती है, तो प्रेस रिपोर्टर क्लब सहित विभिन्न पत्रकार संगठन इस मुद्दे पर व्यापक आंदोलन करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर इस मामले को हाईकोर्ट तक भी ले जाया जाएगा, ताकि पत्रकारों के अधिकारों और उनके आवास के अधिकार की रक्षा की जा सके।
प्रेस रिपोर्टर क्लब ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि
पत्रकारों के लिए प्रस्तावित भूमि को सुरक्षित रखा जाए।
जिले के पत्रकारों के आवास हेतु अलग से भूमि आवंटन की स्पष्ट व्यवस्था की जाए।
इस निर्णय पर पुनर्विचार कर पत्रकार समुदाय के हितों को प्राथमिकता दी जाए।
प्रेस रिपोर्टर क्लब का कहना है कि आने वाले समय में इस मुद्दे को लेकर पत्रकार एकजुट होकर अपनी आवाज़ बुलंद करेंगे, ताकि पत्रकारों के आवास का सपना अधूरा न रह जाये l
