जन्माष्टमी पर सेवा का महापर्व : सुश्री अलिशा अंसारी जो कि राष्ट्रपति से सम्मानित हैं उनका ’30 दिन – 30 सेवा अभियान शुरू’, पहले दिन लगा निःशुल्क फिजियोथेरेपी शिविर, वृद्ध आश्रम में


रायगढ़ (छ.ग.)। जन्माष्टमी के पावन पर्व पर जब पूरा शहर कृष्ण भक्ति में डूबा था, तब सुश्री अलिशा अंसारी ने मानव सेवा की एक नई क्रांति का आगाज किया है। सुश्री अलीशा अंसारी ने 30 दिन में 30 अलग-अलग सामाजिक सेवा अभियान चलाने का संकल्प लिया है, और आज इस महा-अभियान का पहला दिन है।
इसी संकल्प के तहत Day-1 पर आज असीम छाया वृद्धाश्रम, हिमालयन हाइट्स के पास, रायगढ़ में एक दिवसीय निःशुल्क फिजियोथेरेपी चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया।
शिविर में वृद्धजनों एवं जरूरतमंदों ने स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया।

पहले दिन मिली विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवा –
शिविर में प्रसिद्ध फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. स्वीटी चौबे ने अपनी सहयोगी सुश्री पिंकी शाह एवं श्रीमती आशा सिदार के साथ मरीजों का उपचार किया।
शिविर में गठिया (आर्थराइटिस), कमर दर्द, सर दर्द, गर्दन दर्द, घुटनों का दर्द, साइटिका, फ्रोजन शोल्डर, टेनिस एल्बो, कार्पल टनल सिंड्रोम, स्ट्रोक, लकवा (पैरालिसिस), पोस्ट सर्जिकल रिहैब, स्पोर्ट्स इंजरी सहित अन्य जटिल शारीरिक समस्याओं का उपचार किया गया।
इस अवसर पर संस्थापिका सुश्री अलीशा अंसारी ने कहा कि, “यह सिर्फ एक शिविर नहीं, बल्कि 30 दिनों तक चलने वाली सेवा यात्रा की शुरुआत है। भगवान श्रीकृष्ण का संदेश ही प्रेम और सेवा है। मैंने 30 दिन में 30 अलग-अलग क्षेत्रों में सेवा करने का चैलेंज लिया है, ताकि समाज के हर वर्ग तक मदद पहुंच सके। आज पहला दिन है और आने वाले 29 दिन रायगढ़ के लिए कुछ नया और बड़ा लेकर आएंगे।”
इस अभियान का समन्वय सुश्री आयला अंसारी द्वारा किया गया।
शिविर के अंत में सभी लाभार्थियों ने नम आंखों से डॉक्टर और अलीशा का आभार व्यक्त किया और इस 30 दिवसीय संकल्प को रायगढ़ के लिए प्रेरणादायक बताया।

