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शतरंज से खिलाड़ियों में एकता और सामुदायिक भावना जागृत होती – हेमन्त खुटे

अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर विशेष बातचीत

पिथौरा शतरंज केवल एक खेल ही नहीं बल्कि मानसिक विकास का एक प्रमुख आधारशिला है जिससे व्यक्ति के व्यक्तित्व का नवनिर्माण होता है

शतरंज से खिलाड़ियों में एकता और सामुदायिक भावना का विकास होता है। साथ ही मानसिक एवं सामाजिक कौशल को विकसित करता है।
उक्ताशय के विचार बातचीत में साझा करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के सचिव हेमन्त खुटे ने कही।

शतरंज जगत में हेमंत खुटे विगत 30 वर्षों से आबाद गति से शतरंज के लिए निस्वार्थ भाव से सेवा प्रदान कर रहे हैं।
वर्तमान में हेमन्त खुटे छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के राज्य सचिव, मासिक खेल पत्रिका शतरंज सम्राट के कार्यकारी संपादक तथा ऑल इंडिया चेस फेडरेशन के पायलट प्रोजेक्ट चेस इन स्कूल्स कमेटी के विशेष सदस्य हैं।

महासमुंद जिले में शतरंज की विकास यात्रा
ग्रामीण अंचलों में शतरंज खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 1997 विज्ञान सभा शतरंज क्लब का गठन कर निशुल्क संचालन करते हुए शतरंज गतिविधि की मजबूत नीव रखी जोकि वर्ष 1998 में क्लब जिला शतरंज संघ महासमुंद का रूप धारण किया। स्कूल के विद्यार्थियों से लेकर आम आवाम को इस खेल से जोड़कर शतरंज के महत्व को जन – जन तक पहुंचाने में विशेष भूमिका रही है।

नाइट चेस क्लब की स्थापना

वर्तमान परिवेश में जीवन शैली बदल चुकी है। समय की व्यस्तता के चलते लोगों को खेलने का अवसर नहीं मिल पाता और सुनहरा अवसर गंवा देते हैं।इसी नई सोच और समय के साथ शतरंज का सामंजस्य स्थापित करते हुए नाइट चेस क्लब की स्थापना की ताकि खिलाड़ी नियमित रूप से अपने समय के मुताबिक क्लब आकर अभ्यास कर सके और अपनी खेल प्रतिभा को ज्यादा से ज्यादा निखार सके।

स्कूली बच्चों को शतरंज की मुहिम से जोड़ने के लिए उनके द्वार तक पहुंचने के मकसद से वर्ष 2018 में शतरंज की पाठशाला की शुरुआत भी उन्होंने ही की ताकि बच्चे अपने विद्यालय में ही रहकर शतरंज को सीख सकें। उनका मानना है कि स्कूली बच्चों के शतरंज खेलने से बौद्धिक क्षमता के साथ – साथ गणित व विज्ञान जैसे कठिन विषयों में पकड़ मजबूत होगी। हेमंत का कहना है कि भविष्य में शतरंज पाठयपुस्तक में शामिल होगा और गणित का एक मजेदार पाठ बनेगा।
जाने शतरंज को अभियान के तहत उन्होंने 3500 से अधिक स्कूली बच्चों को उनके विद्यालयों में जाकर निशुल्क शतरंज का प्रशिक्षण दिया है ।

*अपने विद्यालय में शतरंज को एक कालखंड के रूप में किया था शामिल

स्कूली बच्चों की बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने तथा विज्ञान और गणित जैसे कठिन विषयों पर मजबूत पकड़ बनाने के उद्देश्य से इन्होंने तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी से लिखित अनुमति लेकर शतरंज को एक कालखंड के रूप शामिल कर शतरंज की शिक्षा दी।

शतरंज गीत की रचना

हेमंत ने बताया कि चेस इन स्कूल्स थीम के तहत उन्होंने शतरंज गीत का ऑडियो – वीडियो एनिमेशन तैयार किया है जिसे छत्तीसगढ़ की मशहूर गायिका कंचन जोशी ने अपनी जादुई आवाज बिखेरी है। हेमंत द्वारा रचित इस शतरंज गीत **स्कूल चले हम ,पढ़ाई करें हम,शतरंज खेले हम ** जिओ कंपनी ने न सिर्फ जिओ ट्यून बनाया है बल्कि जिओ सावन प्लेटफार्म में भी जगह दी ।

शतरंज के सभी क्षेत्रों में पकड़

हेमंत का शतरंज के सभी क्षेत्रों में विशेष दखल है। वे शतरंज के राष्ट्रीय खिलाड़ी , राष्ट्रीय निर्णायक,राष्ट्रीय कोच, राष्ट्रीय इवेंट आर्जनाइजर , चेस ट्रेनर , मैनेजर ,शतरंज पहेली के स्तंभकार ,खेल समीक्षक हैं। इनके लेख राष्ट्रीय स्तर पर देश के कई प्रतिष्ठित अखबारों में प्रकाशित होते रहते हैं।

शतरंज में उत्कृष्ट कार्य के लिये किया गया सम्मान

शतरंज में इनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य के कारण राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर दो बार जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। प्रदेश स्तर पर गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी द्वारा हेमंत को सामाजिक स्तर पर स्व. मिनी माता स्मृति सम्मान से नवाजा जा चुका है।

बच्चों को विश्व चैंपियन बनाना नही अच्छा नागरिक बनाना है लक्ष्य
हेमंत ने बताया कि प्रदेश में शतरंज को लगातार हम आयोजन के माध्यम से फैलाने का भरसक प्रयास कर रहे है। इस कार्य में हैं आशातीत सफलता भी मिल रही है । खिलाड़ियों की संख्या में लगातार इजाफा का होना शतरंज के लिए एक अच्छा संकेत है।
उन्होंने आगे कहा कि जरूरी नहीं कि सभी शतरंज खेलने वाले बच्चे विश्व चैंपियन ही बने। हम चाहते है कि शतरंज खेलने से जो फायदे होते है वो सम्पूर्ण फायदे बच्चों को मिले।
हम इसी ध्येय को लेकर स्कूलों में शतरंज को लोकप्रिय बनाने कार्यरत है। हम चाहते हैं कि बच्चा इस खेल से जुड़कर एक अच्छा नागरिक बनें।

प्रदेश टीम के 3 बार बने कोच
स्कूल गेम्स फेडरेशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शतरंज शालेय स्पर्धा में हेमंत बतौर कोच कोयंबटूर, वेल्लूर व दिल्ली में शिरकत कर चुके है।

जेंस ऊना सुमस यानी हम एक परिवार हैं

हेमंत ने बताया कि जेंस ऊना समस एक लेटिन वाक्य है जिसका शाब्दिक अर्थ होता है – हम एक परिवार हैं। यही पवित्र विचार विश्व शतरंज महासंघ (फिडे) का आदर्श वाक्य ( मोटो) बना जिसका एकमात्र उद्देश्य वैश्विक कुटुम्बकम की भावना को विकसित करना भी है ।

शतरंज जीवन का प्रतिबिंब
हेमंत ने कहा की शतरंज मेरे जीवन का प्रतिबिंब है । मुझे सिर्फ शतरंज से प्रेम है। में शतरंज के बिसात पर सांस लेता हूं और स्वयं को तरोताजा महसूस करता हूं। मैं ताउम्र शतरंज के लिए समर्पित रहूंगा।

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