वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मिले सरपंच संघ अध्यक्ष हिमांशु चौहान, जनपद पुसौर में सीईओ प्रभार शीघ्र देने की मांग

रायगढ़, 22 जुलाई। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पंचायत स्तर पर प्रशासनिक गतिविधियों में तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आज सरपंच संघ के अध्यक्ष हिमांशु चौहान अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात की। यह मुलाकात रायगढ़ में हुई, जिसमें मुख्य रूप से जनपद पंचायत पुसौर में रिक्त चल रहे मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के प्रभार को लेकर चर्चा हुई।

हिमांशु चौहान ने मंत्री को अवगत कराया कि पुसौर क्षेत्र में सीईओ का प्रभार लंबे समय से रिक्त होने के कारण ग्राम पंचायतों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। न तो विकास कार्य समय पर पूरे हो पा रहे हैं और न ही पंचायतों के जरूरी दस्तावेजों का निस्तारण हो पा रहा है। कई योजनाएं फाइलों में अटकी हुई हैं और ग्रामीण जनता को निरंतर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए आश्वासन दिया कि जनपद पुसौर में दो दिनों के भीतर सीईओ का प्रभार सौंप दिया जाएगा।
इस मौके पर सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने, पंचायतों में पारदर्शिता लाने और योजनाओं को धरातल पर उतारने की मांग की। वित्त मंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब और किसानों की चिंता करती है, और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी विकास कार्य लटका न रहे।
हिमांशु चौहान ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि यह मुलाकात बेहद सकारात्मक रही। मंत्री जी ने स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया है कि जनपद पुसौर में शीघ्र ही सीईओ की पदस्थापना की जाएगी, ताकि पंचायतों की गतिविधियां सुचारु रूप से चल सकें। उन्होंने कहा कि सरपंच संघ का उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं, बल्कि रचनात्मक समाधान के लिए प्रशासनिक संवाद स्थापित करना है।
इस प्रतिनिधिमंडल में कई पंचायत प्रतिनिधि शामिल थे, जिन्होंने अपने-अपने गांवों की समस्याएं भी मंत्री के समक्ष रखीं। इनमें पानी, सड़क, शौचालय निर्माण, मनरेगा भुगतान जैसी प्राथमिक समस्याएं शामिल थीं। मंत्री ने सभी मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने का आश्वासन दिया।
इस मुलाकात से क्षेत्र में सकारात्मक संदेश गया है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में पंचायत स्तर के प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी और विकास कार्यों को नई दिशा मिलेगी।