
रायगढ़ / धर्म में कट्टरता का कोई स्थान नहीं धर्म जीवन जीने के वो महान रास्ता है जो नदी के धार की तरह निरन्तर बहने वाला मार्ग है जो कभी किसी से स्पर्धा नहीं करता न किसी के अहित चाहता है वो सम्पूर्ण मानव कल्याण प्रकृति कल्याण की बात करता है जिसमें सिर्फ प्रेम अध्यात्म से दुनिया को एक करने की बात करता है धर्म वो है जो दुनिया के विभिन्न संस्कृति सभ्यता के सम्मान करते हुए एक सूत्र में बांधने विश्व को कुटुंब मानने के संदेश देता है जो लोगो को आपस में जोड़ने की बात करे वो धर्म और जो तोड़ने की बात करे वो अधर्म चाहे उसके नेतृत्व कोई भी करे वो अधर्मी है गलत गलत है जो सिर्फ अपने दुकानदारी गंदी राजनीति एजेंडे पर काम कर रहे हैं l
