29 अगस्त राष्ट्रीय खेल दिवस पर विशेष भेंटवार्ता

दिव्या देशमुख की जीत से शतरंज खिलाड़ियों को मिलेगी प्रेरणा
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राज्य शतरंज संघ के सचिव हेमंत खुटे से विशेष बातचीत
@ हाल ही में नागपुर की दिव्या देशमुख की जीत को लेकर आपकी क्या राय है ?
रायपुर छत्तीसगढ़ / दिव्या देशमुख की (जॉर्जिया) में फीडे महिला विश्व कप जीत ने हमारे छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के शतरंज प्रेमियों में नया जोश भर दिया है उनकी साहसिक तैयारी, दबाव में सहजता और आत्मविश्वास ने विशेषकर महिला खिलाड़ियों के लिए एक आदर्श का मिशाल पेश किया है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों में यक़ीनन इस अदभुत सफलता से दृढ़ विश्वास जागा है । छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के सचिव होने के नाते मैं देख रहा हूँ कि बालिका खिलाड़ियों में आत्मबल बढ़ा है । सरगुजा और बस्तर जैसे सुदूर अंचलों से भी बहुत से शतरंज के खिलाड़ियों की राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सहभागिता देखने को मिल रही है तथा विशेष कर महिला खिलाड़ियों के अभिभावक भी बहुत ही बढ़-चढ़कर इसमें उनका सहयोग कर रहे हैं । यह जीत एक नयी उम्मीदें और प्रेरणा लेकर आई है जिससे नवोदित खिलाड़ियों का मानसिक मनोबल बढ़ेगा।
@ इस जीत को आप किस रूप में देखते है?
यह जीत केवल दिव्या की व्यक्तिगत जीत नहीं है बल्कि समूचे राष्ट्र की एक बड़ी जीत है । अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ा है। इस जीत से भविष्य के लिए एक उम्मीद जगी है कि दिव्या जैसी और भी प्रतिभाएं उभर कर सामने आएंगी।
@ विशेष रूप से गर्ल्स प्लेयर्स में क्या कोई बदलाव या नया जोश देखने को मिला है ?
शतरंज खेल के प्रति इनका रुझान बढ़ा है । आत्मबल में वृद्धि हुई है। पहले की तुलना में अब गर्ल्स प्लेयर्स की संख्याओं में काफी इजाफा देखने को मिल रहा है और वे शानदार खेल का प्रदर्शन भी कर रही है।
@ दिव्या देशमुख से जुड़े कोई प्रसंग हो तो साझा करें।
दिव्या देशमुख से मेरी पहली मुलाकात वर्ष 2015 में नागपुर में आयोजित एक स्कूल नेशनल टूर्नामेंट के दरमियान हुई थी। इस टूर्नामेंट के अंडर – 12 आयु समूह की राष्ट्रीय चैंपियन बनी थी। उक्त टूर्नामेंट में जीत के रूप में मिली शानदार कामयाबी उनके लिए प्रेरणादायक रही और शतरंज के खेल में निखार लाते हुए अप्रतिम खिलाड़ी बनी ।
ज्ञात हो कि इस टूर्नामेंट में मुझे भी बतौर निर्णायक काम करने का अवसर मिला था
दिव्या देशमुख के वर्ल्ड कप विजेता बनने से उससे समूचे भारतवर्ष गौरवान्वित हुआ है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय खिलाड़ी बनी। दिव्या देशमुख की सफलता से उदीयमान खिलाड़ियों को एक नई दिशा मिलेगी और इसका परिणाम सकारात्मक रहेगा । उदीयमान खिलाड़ी उनसे प्रेरणा लेकर अपने खेल में उत्कृष्टता लाने की कोशिश करेंगे।
@ विशेष रूप से गर्ल्स प्लेयर्स में क्या कोई बदलाव या नया जोश देखने को मिला है ?
शतरंज खेल के प्रति इनका रुझान बढ़ा है । आत्मबल में वृद्धि हुई है। पहले की तुलना में अब गर्ल्स प्लेयर्स की संख्याओं में काफी इजाफा देखने को मिला है और वे शानदार खेल का प्रदर्शन भी कर रही है।
*@ *कृपया बताएं कि गर्ल्स प्लेयर्स को दिव्या की सफलता उन्हें किस तरह से प्रभावित कर रही है?*
दिव्या देशमुख की सफलता सभी के लिए एक रोल मॉडल बन गई है ।उनकी कड़ी मेहनत,लगन,जज्बा और इस शानदार सफलता ने शतरंज जगत में एक नया इतिहास रच दिया है । निश्चित रूप से उनके खेल प्रदर्शन से बालिका खिलाड़ियों का आत्म विश्वास और मनोबल बढ़ा है ।
दिव्या के द्वारा खेली गई बाजियों का विश्लेषण कर सफलता के गुर सीख सकेंगे।
@ छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के सचिव होने के नाते हम आपसे जानना चाहेंगे कि छत्तीसगढ़ से खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने हेतु किस तरह से प्रयास किए जा रहे हैं।
वर्तमान में छत्तीसगढ़ से फिलहाल कोई भी शतरंज खिलाड़ी इंटरनेशनल मास्टर या ग्रैंडमास्टर नहीं बने हैं ।
हमने अभी नेशनल चैंपियनशिप हेतु चयनित सभी वर्गों के यानी जूनियर , सब जूनियर और सीनियर खिलाड़ियों हेतु निशुल्क ऑनलाइन शतरंज प्रशिक्षण की व्यवस्था की है। जिसमें सब जूनियर प्लेयर्स को टाइटल होल्डर सी एम रविकुमार ने हाल ही में विधिवत प्रशिक्षण दिया है वहीं जूनियर वर्ग के खिलाड़ियों को इंटरनेशनल मास्टर अनूप देशमुख द्वारा शतरंज की बारीकियों को सिखाया जा रहा है । सीनियर खिलाड़ियों को ग्रैंडमास्टर प्रवीण थिप्से शतरंज के गुर सिखाएंगे। खिलाड़ी इस तरह से दिग्गज खिलाड़ियों के सान्निध्य में रहकर अपने खेल में जरूर निखार लाएंगे।हमारे यहां भी शतरंज की प्रतिभाओं की कमी नहीं है। एक समय था जब भिलाई नगर से आर एस गुप्ता ,किरण अग्रवाल, मनोज वर्मा जैसे अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों ने देश का प्रतिनिधित्व किया था । ज्ञातव्य है कि सुश्री किरण अग्रवाल ने दो बार शतरंज ओलंपियाड में हिस्सा लेकर देश व प्रदेश का मान बढ़ाया है।
इंटरनेशनल मास्टर बनने की दिशा में राज्य के प्रतिभावान शतरंज खिलाड़ी भिलाई के एस. धनंजय अग्रसर हैं। निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में प्रदेश के शतरंज खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का परचम लहराएंगे।