नेत्रदान दान पखवाड़ा के तहत विद्यालय में परिचर्चा का आयोजन

हमारी आंखे मरने के बाद भी दुनिया देख सकती है – हेमन्त खुटे

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना रजत महोत्सव वर्ष के परिपेक्ष्य में नेत्रदान महादान पखवाड़ा 25 अगस्त से 8 सितम्बर के अन्तर्गत पिथौरा नगर के सामाजिक कार्यकर्ता बीजू पटनायक द्वारा लिखित परिशिष्ट (पुस्तिका) नेत्रदान सबसे बड़ा दान का पठन एवं परिचर्चा का आयोजन शासकीय उच्च प्राथमिक शाला कसहीबाहरा में किया गया।
संस्था प्रमुख हेमन्त खुटे ने बच्चों के साथ परिचर्चा के दरमियान कहा कि एक आदमी के नेत्रदान से दो दृष्टिहीन व्यक्ति लाभान्वित होते है।
नेत्रदान की सबसे बड़ी खासियत है कि हमारी आंखे मरने के बाद भी दुनिया देख सकती है। इसलिए सभी को नेत्रदान हेतु पहल करना चाहिए। हेमंत ने आगे कहा कि नेत्रदान जैसे पुनीत कार्य में हमारे पिथौरा ब्लाक की एक विशिष्ट पहचान है। महासमुंद जिले में अब तक 12 व्यक्तियो द्वारा मरणोपरांत नेत्रदान किया गया है जिसमें पिथौरा क्षेत्र से चार नेत्रदाताओं का नाम शामिल है।
संस्था की विज्ञान शिक्षिका तबस्सुम शेख ने कहा कि मृत्यु के बाद ये
आंखे किसी जरूरतमंद लोगों को नई दृष्टि दे सकती है। जरा से प्रयास से हम उनके अंधेरे जीवन में खुशियां ला सकते है। उन्होंने लोगों को नेत्रदान महादान पखवाड़ा अभियान में शामिल होकर अपना पुनीत योगदान देकर मानवता के लिए कार्य करने हेतु अपील की।
शिक्षक दिलीप कुमार पटेल ने बच्चों को परिचर्चा के द्वारा नेत्रदान के लिए जरूती बाते बताई और बच्चों को परिशिष्ट का पठन कर नेत्रदान हेतु जागरूक किया ।
