सात दिवसीय शतरंज प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ

ग्रैंडमास्टर प्रवीण थिप्से द्वारा दिया जा रहा प्रशिक्षण
रायपुर बेबीलॉन इन रायपुर में आयोजित सात दिवसीय शतरंज प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रैंडमास्टर प्रवीण थिप्से,छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के महासचिव विनोद राठी, प्रदेश शतरंज संघ के उपाध्यक्ष कु किरण अग्रवाल, उपाध्यक्ष एम . चंद्रशेखर व राज्य सचिव हेमंत खुटे मंचस्थ थे।
ग्रैंडमास्टर प्रवीण थिप्से ने इस अवसर पर कहा कि शतरंज केवल खेल तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह धैर्य और अनुशासन की कसौटी भी है। हम प्रशिक्षण के दरमियान जो भी दांव पेच सीखेंगे वो जीवन के हर क्षेत्र में सहायक सिद्ध होगी।
उन्होंने कुशल राजनीतिज्ञ बलराम जाखड़ का उदाहरण पेश करते हुए कहा कि बलराम जाखड़ कॉलेज के दिनों में यूनिवर्सिटी चैंपियन रहे है। जिन्होंने अपनी सभी उपलब्धियों का श्रेय शतरंज को दिया । शतरंज खेलकर हम भले ही बड़ी – बड़ी स्पर्धाएं न जीते लेकिन जीवन में एक अच्छे इंसान जरूर बन सकते है ।
छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के सचिव हेमन्त खुटे ने प्रदेश की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम इसी माह दो और प्रशिक्षण शिवरों का आयोजन किया था जिसमें अंडर – 7 से अंडर – 13 आयु समूह के खिलाड़ियों ने भाग लिया था। इस कैंप के मुख्य प्रशिक्षक नागपुर के इंटरनेशनल मास्टर अनूप देशमुख तथा रायपुर के कैंडिडेट मास्टर रवि कुमार थे।
इसी तारतम्य में हमने अंडर – 15,17,19 व सीनियर वर्ग के खिलाड़ियों हेतु सात दिनों का विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया है ।ग्रैंडमास्टर लेवल कैंप का आयोजन करने का मुख्य मकसद प्रदेश के खिलाड़ियों के खेल को निखारना है ताकि नेशनल स्पर्धा में खिलाड़ी बेहतर खेल का प्रदर्शन कर सके।
प्रतिभागियों को अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी व फीडे मास्टर किरण अग्रवाल व राज्य शतरंज संघ के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ शतरंज खिलाड़ी एम चंद्रशेखर ने भी संबोधित किया।
सात दिवसीय इस शतरंज प्रशिक्षण में 20 चयनित खिलाड़ी शतरंज की बारीकियों का विधिवत प्रशिक्षण ले रहे हैं।
कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षण के संयोजक विकास शर्मा ने तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के संयुक्त सचिव आनंद अवधिया ने किया। प्रशिक्षण के उद्घाटन अवसर पर राज्य संघ के अन्य पदाधिकारियों में रवि कुमार,ईश्वर सिंह राजपूत, इंटरनेशनल आर्बिटर अनीस अंसारी, ओलंपिक एसोसिएशन के अशोक दुबे व प्रतिभागियो सहित पालकगण उपस्थित थे।
