“स्थानीय संस्कृति का सम्मान ही राष्ट्र की असली पहचान: सामाजिक कार्यकर्ता श्याम गुप्ता”

रायगढ़। सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने की दिशा में कार्यरत समाजसेवी श्याम गुप्ता ने कहा है कि “इसमें कोई शक नहीं कि स्थानीय लोगों और स्थानीय संस्कृति का सम्मान हर नागरिक को करना चाहिए।” उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है जहां हर क्षेत्र की अपनी परंपरा, वेशभूषा, रीति-रिवाज और जीवन शैली है। इन सांस्कृतिक विशेषताओं ने ही भारत को विश्व में एक अनोखी पहचान दिलाई है।
श्याम गुप्ता ने आगे कहा कि आधुनिक विकास की दौड़ में कहीं न कहीं लोक संस्कृति और परंपरागत मूल्यों की उपेक्षा होने लगी है, जो समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि हमें समाज में प्रेम, भाईचारा और एकता को बनाए रखना है तो हर जाति, वर्ग और क्षेत्र की सांस्कृतिक अस्मिता का सम्मान करना अनिवार्य है। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना समय की मांग है, तभी गांव, शहर और राष्ट्र की पहचान सुरक्षित रह पाएगी।
अंत में उन्होंने समाज से आग्रह करते हुए कहा कि त्योहारों, लोकगीतों, बोली-भाषाओं और परंपराओं का संरक्षण सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। स्थानीय संस्कृति का सम्मान ही “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की नींव है।