पंडारवा पहाड़ी मंदिर से गूंज रही सनातन धर्म की शक्ति, गुरु अजय उपाध्याय दे रहे जनता को समाधान – समाजसेवी श्याम गुप्ता





छत्तीसगढ़ पंडारवा पहाड़ी मंदिर आज सनातन धर्म की अध्यात्मिक शक्ति का केंद्र बन चुका है। यहां गुरु अजय उपाध्याय जी महाराज के सान्निध्य में रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंच रहे हैं। हनुमान जी और मां संतोषी के परम साधक माने जाने वाले गुरु अजय उपाध्याय जी को दिव्य साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। लोगों का मानना है कि उनके दर्शन मात्र से जीवन की नकारात्मकता दूर होती है और व्यक्ति आत्मविश्वास से भर उठता है।
गुरु अजय उपाध्याय जी महाराज के सामने कोई भी श्रद्धालु बैठता है, तो बिना कुछ बताए गुरुजी उसकी मन की बात और उसकी समस्याओं के मूल कारण को स्वयं बता देते हैं। उनके इस दिव्य ज्ञान से प्रभावित होकर आसपास के जिलों, यहां तक कि अन्य राज्यों से भी लोग यहां आ रहे हैं। अनेक श्रद्धालु बताते हैं कि गुरुजी द्वारा बताए गए उपाय और मार्गदर्शन से उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
समाजसेवी श्याम गुप्ता ने कहा कि पंडारवा पहाड़ी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि मानव कल्याण का केंद्र बन चुका है। यहां किसी भी व्यक्ति को उसकी जाति, धर्म या वर्ग देखकर नहीं, बल्कि मानवता के आधार पर सम्मान और समाधान दिया जाता है। सनातन धर्म की यही विशेषता – वसुधैव कुटुंबकम् – गुरु अजय उपाध्याय जी की सेवा भावना में स्पष्ट दिखाई देती है।

गुरुजी समाज में नशा मुक्ति, कुप्रथाओं के विरोध, गौ सेवा और महिला सम्मान जैसे सामाजिक विषयों पर भी जनजागरण कर रहे हैं। उनकी प्रेरणा से अनेक युवा धर्म और समाज सेवा के मार्ग से जुड़ रहे हैं।
सनातन संस्कृति की शक्तियों के साथ सेवा, साधना और संस्कार का संगम पंडारवा पहाड़ी मंदिर को आध्यात्मिक तपोभूमि बना रहा है। भक्तों का कहना है—”यहां हर कोई खाली हाथ नहीं लौटता, यहां से आशीर्वाद और आत्मबल अवश्य मिलता है।”
