“वन्देमातरम की 150वीं वर्षगांठ पर नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन का आह्वान — राष्ट्रीय एकता, अखंडता और मातृभूमि के सम्मान का संकल्प”




छत्तीसगढ़ देशभक्ति के प्रतीक और राष्ट्र भावना को प्रज्वलित करने वाले राष्ट्रीय गीत “वन्देमातरम” की 150वीं वर्षगांठ के पावन अवसर पर नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन ने देशवासियों से राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सांस्कृतिक गौरव को सुदृढ़ बनाने का संदेश दिया। संगठन के संस्थापक रेंशी श्याम गुप्ता ने कहा कि “वन्देमातरम केवल गीत नहीं, यह भारत माता के प्रति समर्पण, त्याग और बलिदान की भावना का प्रतीक है।”
इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक बलबीर शर्मा, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष हिमांशु चौहान, राष्ट्रीय महिला उपाध्यक्ष गीतांजलि, सुमिता पटेल, हेमंत खुटे, राष्ट्रीय महासचिव भास्कर गिरी, राष्ट्रीय विधिक सलाहकार यामिनी बघेल, तथा प्रदेश महिला अध्यक्ष कविता छाबड़ा सहित सभी पदाधिकारियों ने देश के महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि “वन्देमातरम” ने आज़ादी के आंदोलन में जन-जन में जोश और आत्मगौरव का संचार किया था, वही भावना आज भी भारत की आत्मा में जीवंत है।
सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि देश की एकता और अखंडता को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य है। “वन्देमातरम” का उच्चारण हमें मातृभूमि के प्रति निष्ठा, सम्मान और बलिदान की प्रेरणा देता है। संगठन ने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस गीत के आदर्शों को जीवन में अपनाकर राष्ट्र निर्माण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं।
नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन ने संदेश दिया — “भारत माता की जय” केवल नारा नहीं, बल्कि हर भारतीय का जीवन मंत्र बने।
