प्रदेश की जर्जर सड़कों पर भड़के पिंटू सिंह, पीडब्ल्यूडी मंत्री से तत्काल सुधार की मांग,आंदोलन की दी चेतावनी



प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर स्वास्तिक मजदूर सेवा समिति के जिलाध्यक्ष पिंटू सिंह ने राज्य सरकार और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में मुख्य मार्गों से लेकर ग्रामीण सड़कों तक की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिससे आम लोगों का आवागमन जोखिम भरा हो गया है। उन्होंने लोक निर्माण मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर युद्धस्तर पर सड़क मरम्मत कराने की मांग की है।
पिंटू सिंह ने कहा कि बारिश के कारण जगह-जगह सड़कें उखड़ गई हैं और बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना है कि कई स्थानों पर यह पहचानना भी मुश्किल हो गया है कि सड़क कहां है और गड्ढे कहां। ऐसी स्थिति में दिहाड़ी मजदूर, किसान, स्कूली छात्र, कर्मचारी और आम नागरिक सबसे अधिक परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों के कारण लोगों को रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास और सुशासन के दावे तो करती है, लेकिन धरातल पर सड़क निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कुछ ही महीनों में सड़कें टूट जाना निर्माण कार्यों में लापरवाही और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए हाल के वर्षों में बने सभी सड़क निर्माण कार्यों और संबंधित टेंडरों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
पिंटू सिंह ने मांग की कि जांच में यदि किसी अधिकारी, इंजीनियर या ठेकेदार की लापरवाही अथवा अनियमितता सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। उन्होंने कहा कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे जनता की सुरक्षा से जुड़ा विषय है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
उन्होंने लोक निर्माण मंत्री से प्रदेशभर की जर्जर सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो आम जनता के साथ आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे धरने पर भी बैठेंगे। उनके अनुसार सुरक्षित और सुगम सड़कें प्रत्येक नागरिक का अधिकार हैं और सरकार को इस दिशा में प्राथमिकता के आधार पर ठोस कदम उठाने चाहिए।
