Blog

पंडवानी की स्वर-सम्राज्ञी पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को रायगढ़िया कलाकारों की भावभीनी श्रद्धांजलि

लोककला का स्वर्णिम अध्याय हुआ समाप्त, डॉ. तीजन बाई की स्मृतियों को कलाकारों ने किया नमन

रायगढ़। छत्तीसगढ़ की माटी की बेटी, पंडवानी गायन की विश्वविख्यात स्वर-सम्राज्ञी एवं पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। उनके अवसान को भारतीय लोककला और संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। रायगढ़ के कलाकारों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके साथ जुड़े संस्मरण साझा किए।

श्रद्धांजलि सभा में तरुण बघेल, नितिन दुबे, डॉ. योगेन्द्र चौबे, अमित प्रधान, राकेश शर्मा, मुकेश चतुर्वेदी, युवराज आजाद, तन्मय दास गुप्ता तथा राजेंद्र तिवारी सहित अनेक कलाकार उपस्थित रहे। सभी ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपने अद्भुत गायन, ओजस्वी प्रस्तुति और अथक संघर्ष के बल पर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोकगाथा ‘पंडवानी’ को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।

वक्ताओं ने बताया कि डॉ. तीजन बाई ने सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती देते हुए हाथ में तंबूरा थामा और अपनी विशिष्ट कापालिक शैली में महाभारत के प्रसंगों को जीवंत कर दुनिया भर के दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। उन्होंने गाँव की चौपालों से निकलकर पेरिस, लंदन और न्यूयॉर्क जैसे विश्वस्तरीय मंचों तक छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति का परचम लहराया।

कलाकारों ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का जीवन संघर्ष, साधना, समर्पण और लोकसंस्कृति के प्रति अटूट निष्ठा की प्रेरक गाथा है। उन्होंने केवल पंडवानी को नई पहचान ही नहीं दिलाई, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपरा और जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा भी दी। कला के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।

श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कलाकारों ने कहा कि डॉ. तीजन बाई भले ही आज हमारे बीच भौतिक रूप से नहीं हैं, लेकिन हाथ में तंबूरा लिए उनकी ओजस्वी हुंकार, दमदार आवाज़ और लोककला के प्रति उनका समर्पण सदैव अमर रहेगा। भारतीय लोकसंस्कृति के इतिहास में उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा और आने वाली पीढ़ियाँ उनसे प्रेरणा लेती रहेंगी।यदि चाहें तो इसे आईसी न्यूज़ नेशन या प्रेस रिपोर्टर क्लब की शैली में और अधिक प्रभावशाली बनाया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
ताज़ा ख़बरें
प्रदेश सरपंच संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष बने हिमांशु चौहान, प्रेस रिपोर्टर क्लब ने दी हार्दिक शुभकामनाएं श्री राम मंदिर रायपुर के दिव्य दरबार में पहुंचे अखिल भारतीय प्रमुख प्रचारक राजेंद्र भाई साहब, बालाजी... छत्तीसगढ़ सरपंच संघ ने किया नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन, पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी प्रदेश की जर्जर सड़कों पर भड़के पिंटू सिंह, पीडब्ल्यूडी मंत्री से तत्काल सुधार की मांग,आंदोलन की दी ... श्याम टॉकीज–गणेश वॉच इलेक्ट्रॉनिक्स–सिंधु बुक डिपो मार्ग पर रोज़ाना जाम, जनता और व्यापारी परेशान श्याम टॉकीज–गणेश वॉच इलेक्ट्रॉनिक्स–सिंधु बुक डिपो मार्ग पर रोज़ाना जाम, जनता और व्यापारी परेशान छत्तीसगढ़ की बदहाल सड़कों पर भड़के स्वास्तिक मजदूर सेवा समिति के जिलाध्यक्ष पिंटू सिंह, PWD मंत्री स... साधना, साख और संकल्प: राजनीति के 'नीलकंठ' के रूप में उभरे ओ.पी. चौधरी — लेखक बलबीर शर्मा एकल अभियान के 5 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का समापन, आचार्यों को मिला सेवा, संस्कार और संगठन का मंत्र पंडवानी की स्वर-सम्राज्ञी पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को रायगढ़िया कलाकारों की भावभीनी श्रद्धांजलि