एकल अभियान के 5 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का समापन, आचार्यों को मिला सेवा, संस्कार और संगठन का मंत्र



देवतुल्य हैं आचार्य, राष्ट्र निर्माण में निभाएं अहम भूमिका: एकल अभियान प्रशिक्षण वर्ग में वक्ताओं का आह्वान

रायगढ़। एकल अभियान अंचल रायगढ़ के एकल विद्यालयों के आचार्यों के लिए आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का समापन उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में हुआ। प्रशिक्षण वर्ग के अंतिम दिवस सम्माननीय समिति का अभियान कार्यालय में आगमन हुआ, जहां कार्यकर्ताओं ने तिलक-चंदन लगाकर एवं आत्मीय स्वागत के साथ उनका अभिनंदन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती, माता सरस्वती एवं श्रीराम दरबार के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके पश्चात ब्रह्मनाद, गायत्री मंत्र एवं हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। आगे समिति परिचय, आचार्यों का परिचय तथा पांच दिवसीय प्रशिक्षण के अनुभव साझा किए गए।
डॉ. नायक ने आचार्यों को योग, संस्कार और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। अंचल सचिव रितेश शर्मा ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में आचार्यों को देवतुल्य बताते हुए उनके समर्पण और सेवा भाव को नमन किया।
अंचल अध्यक्ष मनबोध बेहरा ने आचार्यों एवं कार्यकर्ताओं को उनके दायित्वों का बोध कराते हुए कहा कि एकल अभियान केवल शिक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार, सेवा और राष्ट्र निर्माण का सशक्त अभियान है। वहीं अभियान के संभाग शिक्षा सचिव राजीव कुमार दुबे ने आचार्यों को नियमित रूप से विद्यालय संचालन, आचार्य ऐप के प्रभावी उपयोग तथा ग्राम समिति के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस अवसर पर भाग अभियान प्रमुख पवन सिंह का अंचल अध्यक्ष, सचिव एवं उपाध्यक्ष द्वारा गमछा भेंट कर सम्मान किया गया। वहीं वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने सभी आचार्यों का भगवा गमछा पहनाकर सम्मान करते हुए उनके सेवा भाव की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में अंचल संस्कार शिक्षा प्रमुख धनराज शर्मा ने सभी अतिथियों, आचार्यों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अंचल मीडिया प्रभारी पिंगल बघेल, मातृशक्ति स्नेहलता शर्मा, मालती शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं आचार्य उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण वर्ग का समापन राष्ट्र निर्माण, संस्कारयुक्त शिक्षा और समाज सेवा के संकल्प के साथ हुआ।
