साधु-संतों और महापुरुषों को जाति वर्गों में बाँटने वाली राजनीति से समाज में बढ़ रहा अलगाव – रेंशी श्याम कुमार गुप्ता

रायगढ़। नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन के संस्थापक एवं समाजसेवी रेंशी श्याम कुमार गुप्ता ने कहा कि हमारे देश के महान साधु-संत और महापुरुष किसी एक वर्ग, जाति या संप्रदाय के नहीं बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। वे सदा समाज को सही दिशा में मार्गदर्शन देने, मानवता, इंसानियत और एकता का संदेश फैलाने के लिए अवतरित होते हैं। लेकिन आज दुर्भाग्यवश कुछ स्वार्थी राजनीतिक लोग इन महापुरुषों को जाति और वर्गों में बाँटकर समाज में अलगाव फैलाने का कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी “गंदी राजनीति” के कारण भारत की मूल आत्मा — सर्व समाज की एकता और भाईचारा — कमजोर हो रही है। हमारे देश के संत-महात्मा सदैव लोगों को आपसी प्रेम, त्याग, सेवा और समरसता का संदेश देते रहे हैं। उनके विचार किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं, बल्कि मानवता के सार्वभौमिक सिद्धांत हैं।
रेंशी गुप्ता ने समाज से आह्वान किया कि हमें इन विभाजनकारी प्रवृत्तियों से सावधान रहना होगा और संतों-महापुरुषों की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाना होगा। उन्होंने कहा — “जितना जल्दी सर्व समाज जागेगा, उतना ही अच्छा हमारे देश और संस्कृति के भविष्य के लिए होगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन लगातार सर्व समाज को जोड़ने, सद्भावना और राष्ट्रीय एकता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए कार्यरत है। संगठन का उद्देश्य है — “मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं, और एकता से बड़ा कोई बल नहीं।”
