गंज मंडी में करोड़ों की सड़क निर्माण में खुली धांधली—‘थुक पॉलिस’ से डामरीकरण, एक सप्ताह में उखड़ने लगी सड़क
राजनांदगांव।
नवीन गंज मंडी में कृषि उपज मंडी बोर्ड द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से बनाई जा रही सड़क में भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार सामने आया है। स्थानीय दुकानदारों और किसानों ने आरोप लगाया है कि सड़क पर डामरीकरण कार्य थुक पॉलिस की तर्ज पर किया गया है, जिसके कारण सड़क बने सिर्फ एक सप्ताह हुआ है और गिट्टी हाथों में निकलने लगी है। रोड रोलर का काम भी अधूरा छोड़ दिया गया है।
सड़क की घटिया क्वालिटी और लापरवाही इतनी साफ दिख रही है कि जिस सड़क को वर्षों चलना चाहिए था, वह कुछ ही दिनों में दरकने लगी है। गर्म डामर की उचित परत नहीं चढ़ाई गई, रोलर कम्पैक्शन अधूरा है और कई जगह कच्चा माल मानक से कम गुणवत्ता का पाया गया।
नाबालिग मजदूरों से कराया जा रहा काम
स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क निर्माण में नाबालिग बच्चों से मज़दूरी कराई जा रही है, जो श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन है। इस संबंध में निगरानी करने वाले कृषि उपज मंडी के सचिव पंचराम ने बताया कि “अगर नाबालिग काम कर रहा है तो ठेकेदार को बोलेंगे। सड़क अच्छी बन रही है, बाकी तकनीकी जानकारी ई-और एसडीओ ही देंगे।”
उनकी इस प्रतिक्रिया से लोगों में और आक्रोश बढ़ गया है, क्योंकि सचिव ने खुद निर्माण गुणवत्ता को लेकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की।
विधानसभा अध्यक्ष के क्षेत्र में घटिया निर्माण
यह सड़क विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के क्षेत्र में बन रही है, ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि उनके क्षेत्र में इतनी बड़ी अनियमितता कैसे हो रही है। करोड़ों खर्च होने के बावजूद सड़क की गुणवत्ता इस कदर खराब है कि लोग इसे ‘कमीशन वाली सड़क’ बताने लगे हैं।
स्थानीय व्यापारियों और किसानों का कहना है कि—
“एक महीना भी नहीं टिकेगी यह सड़क, झाड़ू मारकर लोग गिट्टी घर ले जाएंगे। अधिकारी-कर्मचारी आंख बंद कर बैठे हैं और ठेकेदार मनमानी कर रहा है।”
जनता में आक्रोश, अधिकारी मौन
लोगों का आरोप है कि मंडी में रोज़ाना अफसरों की मौजूदगी रहती है, फिर भी सड़क निर्माण की निगरानी नहीं की जा रही है। सही मंत्री न होने का हवाला देकर भी जनता नाराजगी जता रही है।
गंज मंडी जाकर सड़क निर्माण को देखकर कोई भी स्थिति समझ सकता है—डामरीकरण में करोड़ों रुपये खर्च हुए, लेकिन सड़क की हालत देखकर भ्रष्टाचार साफ झलक रहा है।
कुल मिलाकर, करोड़ों रुपए की यह सड़क जनता के पैसों पर किया गया मज़ाक साबित हो रही है। जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी धृतराष्ट्र की तरह आंखें बंद किए बैठे हैं—और जनता को घटिया सड़क, धूल, गिट्टी और लापरवाही का कड़वा स्वाद मिल रहा है।
संपादक लाल टोपी राजू सोनी राजनांदगांव – प्रेस रिपोर्टर क्लब छत्तीसगढ़ के कलम से