“जनता की आवाज के आगे झुका जिंदल प्रबंधन, जनहित में जनसुनवाई निरस्त—आंदोलन की ऐतिहासिक जीत”

“ठंड में संघर्ष रंग लाया: जिंदल जनसुनवाई निरस्तीकरण को समर्थन, जनता की एकजुटता बनी ताकत”

रायगढ़।
जनहित में जिंदल परियोजना की प्रस्तावित जनसुनवाई को निरस्त करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन आखिरकार सफल रहा। प्रभावित ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों और जनहितैषियों के लगातार दबाव के बाद जिंदल प्रबंधन ने अपने कदम पीछे खींचते हुए जनसुनवाई निरस्तीकरण का समर्थन किया। इसे जनता की एकजुटता और लोकतांत्रिक संघर्ष की बड़ी जीत माना जा रहा है।
इस संबंध में प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश संरक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्याम गुप्ता ने कहा कि रायगढ़ जिले में जितने उद्योग और खदानें संचालित हैं, यदि स्थानीय उद्योगपति ईमानदारी से चाहें तो जिले का कोई भी युवा बेरोजगार नहीं रहेगा। स्थानीय जरूरतमंद युवाओं को रोजगार देना उद्योगों की सामाजिक जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करना, पर्यावरण संरक्षण, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा पूरी तरह संभव है, बशर्ते जिम्मेदार नेता, अधिकारी और उद्योगपति आम जनता को भी उतनी ही अहमियत दें जितनी बड़े हितों को देते हैं।
श्याम गुप्ता ने उघोगपति नवीन जिंदल एवं उनके जिंदल समूह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावित जनता के सम्मान में लिया गया यह निर्णय स्वागतयोग्य है। ठंड में रात-दिन धरने पर बैठे आंदोलनकारियों की तपस्या रंग लाई है। उन्होंने शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकालने की मांग भी की, ताकि भविष्य में जनहित के साथ कोई समझौता न हो।
