दृष्टिहीन शतरंज खिलाड़ी व महाविद्यालयीन छात्र भूपेंद्र पटेल की संघर्षगाथा पर आधारित पुस्तक “जीवन दर्पण” का भिलाई में विमोचन

भिलाई।
दृष्टिहीन शतरंज खिलाड़ी एवं एम.ए. अंतिम वर्ष (हिंदी) के छात्र भूपेंद्र पटेल की प्रेरणादायी जीवन यात्रा पर आधारित पुस्तक “जीवन दर्पण” का विमोचन भिलाई में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य रेपिड एवं ब्लिट्ज फीडे रेटेड चेस चैंपियनशिप के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के अवसर पर सम्पन्न हुआ। पुस्तक का विमोचन मुख्य अतिथि राकेश पाण्डेय (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, छत्तीसगढ़ शासन) के करकमलों से किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बंशी अग्रवाल (अध्यक्ष, अग्रवाल जन कल्याण समिति) ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी कैलाश जैन बरमेचा, अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी वूमेन फीडे मास्टर सुश्री किरण अग्रवाल तथा राज्य शतरंज संघ के कार्यकारी सदस्य रमेश अग्रवाल की गरिमामय उपस्थिति रही।
पुस्तक के संदर्भ में जानकारी देते हुए संपादक बीजू पटनायक ने कहा कि “जीवन दर्पण केवल एक खिलाड़ी की जीवनी नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की प्रेरक गाथा है। दृष्टिहीनता जैसी गंभीर चुनौती के बावजूद भूपेंद्र पटेल ने शतरंज की बिसात के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में जो उपलब्धियाँ अर्जित की हैं, वह युवाओं के लिए अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि इस पुस्तक के प्रकाशन एवं विमोचन को साकार करने में छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के सचिव हेमंत खुटे का विशेष मार्गदर्शन, निरंतर सहयोग और प्रेरणादायी भूमिका रही, जिनके प्रयासों से ही “जीवन दर्पण” का प्रकाशन संभव हो सका।
मुख्य अतिथि राकेश पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि शतरंज खेल मानसिक, बौद्धिक एवं भावनात्मक विकास का सशक्त माध्यम है। उन्होंने अपने भांजे का उदाहरण देते हुए बताया कि वह मानसिक समस्याओं से जूझ रहा था, किंतु शतरंज खेलना प्रारंभ करने के बाद उसकी मानसिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया। उन्होंने कहा कि शतरंज मानसिक स्वास्थ्य के लिए औषधि के समान है, क्योंकि यह मन को शांत करता है, मस्तिष्क को सक्रिय बनाता है और व्यक्तित्व को संतुलित करता है।
कार्यक्रम का कुशल संचालन जिला शतरंज संघ दुर्ग के सचिव तुलसी सोनी ने किया, जबकि जिला शतरंज संघ दुर्ग के अध्यक्ष ईश्वर राजपूत ने आभार प्रदर्शन करते हुए अतिथियों, खिलाड़ियों, आयोजकों एवं शतरंज प्रेमियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
समारोह में छत्तीसगढ़ के 24 जिलों से आए खिलाड़ी, खेलप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
