
“उद्योग बढ़े, सुरक्षा घट गई: 25 सालों से मौतों का सिलसिला, जिम्मेदार कौन?“


“जनप्रतिनिधियों से जवाब मांग रहा रायगढ़: विकास या विनाश?”

“रायगढ़ में सड़क मौतों पर फूटा गुस्सा: कानून बदलाव की मांग, नेताओं पर उठे सवाल“

रायगढ़। जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और औद्योगिक विस्तार के बीच बढ़ती मौतों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश सचिव श्याम गुप्ता ने कड़ी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जहां लोग लगातार जान गंवा रहे हैं, वहां कानून और व्यवस्थाओं में तत्काल बदलाव की जरूरत है, लेकिन दुर्भाग्य से जरूरी सुधार नहीं हो रहे।
श्याम गुप्ता के अनुसार, पिछले 25 वर्षों में रायगढ़ जिले में उद्योगों का विस्तार कुकुरमुत्तों की तरह हुआ, लेकिन सड़क सुरक्षा और यातायात के लिए कोई ठोस मास्टर प्लान नहीं बनाया गया। रोजाना हजारों भारी ट्रेलर सड़कों पर दौड़ रहे हैं और असंख्य लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन मौतों की जिम्मेदारी आखिर किसकी है, क्योंकि मरने वाले किसी एक जाति या वर्ग के नहीं, बल्कि सर्व समाज के लोग हैं।
उन्होंने कहा कि देश लंबे समय से धर्म, जाति और अलगाव की राजनीति का शिकार रहा है, जबकि असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है। जरूरत वहां बदलाव की है जहां आम जनता की जान खतरे में है, न कि वहां जहां समाज को बांटने की कोशिश हो रही है।
व्यंग्यात्मक अंदाज में उन्होंने कहा कि जिले को बचाने के नाम पर भाषण देने वाले जनप्रतिनिधियों को जमीनी हकीकत देखनी चाहिए। जंगलों के जानवर तक आवास भोजन के लिए भटक रहे हैं, जो विकास के मॉडल पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। श्याम गुप्ता ने जनहित में ठोस सड़क नीति, सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही तय करने की मांग की है, ताकि आगे निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सके।

