“जंगल उजड़ रहे, बेजुबान भटक रहे — विकास पर श्याम गुप्ता का मार्मिक सवाल”


“वन विनाश पर फूटा दर्द: बेजुबान जानवरों को भी आवास-भोजन सुरक्षा की मांग”

रायगढ़। तेज़ी से घटते जंगलों और प्रकृति विनाश के गंभीर प्रभावों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश सचिव श्याम गुप्ता ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि जब इंसानों के लिए प्रधानमंत्री आवास और बीपीएल खाद्य जैसी योजनाएं चल सकती हैं, तो जंगलों से बेघर हो रहे बेजुबान जंगली जानवरों के संरक्षण पर भी ठोस नीति बननी चाहिए।
श्याम गुप्ता ने कहा कि अंधाधुंध औद्योगिकीकरण और जंगलों की कटाई के कारण वन्य जीव भोजन और आवास की तलाश में भटकने को मजबूर हैं, जिसका असर इंसान और प्रकृति दोनों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विकास का सही अर्थ तभी साबित होगा, जब एक भी बेजुबान जीव भूखा और बेघर होकर सड़कों व बस्तियों में भटकता नजर न आए।
उन्होंने सरकार और समाज से अपील की कि विकास योजनाओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों के स्थायी पुनर्वास पर प्राथमिकता दी जाए। प्रकृति संतुलन बिगड़ने का खामियाजा अंततः मानव समाज को ही भुगतना पड़ेगा, इसलिए समय रहते संवेदनशील निर्णय लेना जरूरी है।
श्याम गुप्ता के इस भावनात्मक वक्तव्य ने विकास बनाम पर्यावरण के मुद्दे पर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।