प्रकृति और मानव एक-दूसरे के पूरक: जल, जंगल और जमीन बचाने पर राष्ट्रीय चिंतन जरूरी

जंगल और खेती क्षेत्रों में औद्योगिक प्लांट पर रोक की मांग, पर्यावरण संरक्षण को लेकर उठी आवाज

रायगढ़/छत्तीसगढ़।
प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश सचिव श्याम गुप्ता ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि “प्रकृति और मानव अलग-अलग नहीं हैं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्हें ऐतिहासिक प्रधानमंत्री बताया और कहा कि देश में जल, जंगल और खेती की जमीन के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर राष्ट्रीय चिंतन की आवश्यकता है।
श्याम गुप्ता ने स्पष्ट रूप से कहा कि जंगल प्रभावित क्षेत्रों और खेती योग्य जमीनों में किसी भी प्रकार के औद्योगिक प्लांट स्थापित नहीं किए जाने चाहिए। उनका मानना है कि ऐसे प्लांट पर्यावरण संतुलन को बिगाड़ते हैं और स्थानीय लोगों की आजीविका पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जल, जंगल और जमीन केवल संसाधन नहीं हैं, बल्कि यह भारत की संस्कृति, परंपरा और भविष्य की नींव हैं। यदि इनका संरक्षण नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है।
गुप्ता ने सरकार और समाज दोनों से अपील की कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए नीतियां तैयार की जाएं, ताकि प्रकृति की सुरक्षा के साथ-साथ सतत विकास भी सुनिश्चित हो सके।
