छत्तीसगढ़ी संगीत को बॉलीवुड तक पहुँचाने वाले ‘AE सिनेमा’ के संजय अग्रवाल को सांस्कृतिक प्रकोष्ठ ने किया सम्मानित


रायगढ़: दो दशक पहले जब छत्तीसगढ़ी संगीत को प्रादेशिक स्तर पर भी पहचान के लिए संघर्ष करना पड़ता था, तब अपनी लगन, जुनून और सब कुछ दांव पर लगाकर छत्तीसगढ़ी लोक संगीत को सातवें आसमान पर पहुँचाने वाले विजनरी प्रोड्यूसर संजय अग्रवाल एक बार फिर इतिहास रचने के लिए तैयार हैं! छत्तीसगढ़ी माटी के इस लाडले सुपुत्र के त्याग और समर्पण को सलाम करते हुए छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रमुख अनुपम पॉल ने अपनी पूरी टीम के साथ उनका भव्य सम्मान किया।
वह दौर जब सिर चढ़कर बोलता था AE कैसेट्स का जादू तब संजय अग्रवाल छत्तीसगढ़ के इतिहास के पहले ऐसे प्रोड्यूसर हैं जिन्होंने भाषा की सीमाओं को तोड़कर बॉलीवुड के महादिग्गजों को छत्तीसगढ़ी गीतों की धुन पर गवाया और नचाया। इस श्रृंखला में सोनू निगम,कुमार शानू,अनुराधा पौडवाल ,नितिन मुकेश, मोहम्मद अज़ीज़, बाबुल सुप्रियो
ये वो नाम हैं, जिन्हें छत्तीसगढ़ी जुबां सौंपने का श्रेय सिर्फ और सिर्फ AE कैसेट्स कंपनी के संचालक संजय अग्रवाल को जाता है। एक दौर था जब छत्तीसगढ़ की हर गली, हर मोहल्ले और हर शादी-ब्याह में सिर्फ AE कैसेट्स के ही गाने और वीडियो गूंजते थे। रायगढ़ की धरती से निकलकर बॉलीवुड की मायानगरी मुंबई तक का उनका सफर हर युवा के लिए प्रेरणा है।
इस सम्मान से उत्साहित होकर संजय अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के दर्शकों और कलाकारों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी साझा करते एलान किया कि:”वक्त बदला है, लेकिन हमारा जुनून नहीं! AE कैसेट्स अब डिजिटल युग के कदम से कदम मिलाते हुए ‘AE सिनेमा’ के रूप में वापसी कर चुका है। हमारे ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर लगातार धमाकेदार एल्बम और वीडियो लॉन्च हो रहे हैं और छत्तीसगढ़ी सिनेमा प्रेमियों के लिए सबसे बड़ा सरप्राइज यह है कि हम बहुत जल्द एक ऐतिहासिक फिल्म के साथ बड़े पर्दे पर दस्तक देने जा रहे हैं!”
उन्होंने आगे यह भी साफ किया कि उनका मुख्य उद्देश्य स्थानीय छत्तीसगढ़ी प्रतिभाओं को तराशना, उन्हें प्रमोट करना और एक बड़ा प्लेटफॉर्म देना है।
सांस्कृतिक प्रकोष्ठ ने इस खास मौके पर सिर्फ संजय अग्रवाल ही नहीं, बल्कि माटी की कला को जीवंत रखने वाले मशहूर मूर्तिकार और कलाकार कपिल देवांगन समेत उनके पूरे कलाकार परिवार को भी सम्मानित किया।
इस गरिमामयी और ऊर्जा से भरे कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने कलाकार तरुण बघेल, सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के जिला प्रमुख विजय दास, मुकेश चतुर्वेदी और गगन कातोरे सहित कला जगत के कई दिग्गज मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ी कला और संस्कृति के स्वर्ण युग की वापसी हो चुकी है। ‘AE सिनेमा’ का यह सफर अब रुकने वाला नहीं है। लोकल टैलेंट और ग्लोबल विजन का यह कॉम्बिनेशन छत्तीसगढ़ी सिनेमा में एक नया भूचाल लाने के लिए तैयार है!

