ज़िद लक्ष्य प्राप्ति में सहायक – हेमंत खुटे

शतरंज का ऑनलाइन निशुल्क प्रशिक्षण
पिथौरा प्रदेश टीम के चयनित खिलाड़ियों के अलावा अंडर – 13 आयु समूह के टॉप टेन शतरंज खिलाड़ियों हेतु ऑनलाइन शतरंज प्रशिक्षण का आयोजन छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ द्वारा किया गया है।
यह प्रशिक्षण सब जूनियर के अलावा जूनियर व सीनियर वर्ग हेतु तीन चरणों में विभाजित है।
आज ऑनलाइन शतरंज प्रशिक्षण शिविर के तृतीय दिवस पर जिला शतरंज संघ महासमुंद व छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के सचिव हेमंत खुटे बतौर अतिथि शामिल हुए।
प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर खिलाड़ियों को अतिथि परिचय के दरमियान कार्यक्रम को होस्ट कर रहे विकास शर्मा ने हेमंत खुटे के बारे में कहा कि हेमंत खुटे राज्य सचिव के साथ – साथ शतरंज खेल के व्यापक प्रचार – प्रसार ,शतरंज स्पर्धाओं का आयोजन व शतरंज की मासिक खेल पत्रिका शतरंज सम्राट हेतु अपना निरंतर योगदान दे रहें है। प्रदेश में शतरंज के विकास के लिए दिए जा रहे इनके द्वारा योगदान काबिल – ए – तारीफ है । वहीं प्रशिक्षण के कोच रविकुमार ने कहा कि हेमंत खुटे शतरंज के क्षेत्र में लेखन कार्य के साथ – साथ खिलाड़ियों का इंटरव्यू लेकर अखबारों में प्रकाशित कर हमेशा ही खिलाड़ियों का हौसला अफजाई किया है। इनके लेखन से देश व प्रदेश के शतरंज खिलाड़ी लाभान्वित हुए है। शतरंज के क्षेत्र में दिए गए इनका योगदान अतुलनीय है। शतरंज प्रशिक्षण के अतिथि हेमंत खुटे ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि कामयाबी के लिए ज़िद की जरूरत पड़ती है। ज़िद ही लक्ष्य प्राप्ति में सहायक होती है । जब तक अपने अंदर जीतने की ज़िद और जुनून नहीं होगा तब तक दुनिया का कोई भी कोच आपको आगे नहीं बढ़ा सकता। हेमंत ने आगे कहा कि फीडे इंस्ट्रक्टर रवि कुमार अविभाजित मध्यप्रदेश के राज्य चैंपियन रहे हैं तथा छत्तीसगढ़ के पहले राज्य विजेता का भी इन्हें गौरव हासिल है। इंडिया के टॉप 100 खिलाड़ियों में भी इनका नाम शुमार रहा है । रवि शतरंज के एक बेहतरीन खिलाड़ी व कुशल कोच है।यक़ीनन इनके सान्निध्य में खिलाड़ी एक नए आयाम हासिल करेंगे।
कार्यक्रम को होस्ट राज्य शतरंज संघ के संयुक्त सचिव विकास शर्मा ने किया। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस में संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष व वरिष्ठ शतरंज खिलाड़ी एम. चंद्रशेखर तथा द्वितीय दिवस को भूतपूर्व राज्य चैंपियन व संयुक्त सचिव प्रदेश शतरंज संघ के आनंद अवधिया ने अपनी गरिमामय उपस्थिति दी व खिलाड़ियों को शतरंज के गुर सिखाए।
