जनता की आत्मा लोकतंत्र शासन लोकतंत्र के मस्तिक है तो प्रशासन उनके शरीर ये समझ जाना चाहिए… श्याम गुप्ता सामाजिक कार्यकर्त्ता

लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि: तमनार जिंदल मामले में जनआक्रोश शासन-प्रशासन के लिए बड़ा संदेश


जनता की अनदेखी पड़ी भारी: जिंदल तमनार मामले में शासन-प्रशासन को पूरी विश्वास में जनता को लेकर निर्णय लेना पड़ेगा

रायगढ़ तमनार / लोकतंत्र की आत्मा जनता में बसती है। यदि शासन लोकतंत्र का मस्तिष्क है तो प्रशासन उसका शरीर, लेकिन यह मान लेना कि जनता को विश्वास में लिए बिना शासन-प्रशासन अपनी मनमानी कर सकता है, एक घातक गलतफहमी है। जिंदल तमनार क्षेत्र में जो घटनाक्रम सामने आया है, उसने इस सच्चाई को एक बार फिर उजागर कर दिया है। जनता के आक्रोश का शिकार हुआ शासन-प्रशासन यह स्पष्ट संदेश दे रहा है कि जनहित की उपेक्षा कर उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने की नीति अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
तमनार क्षेत्र के 14 प्रभावित ग्रामों की जनता बीते कई दिनों से कड़ाके की ठंड में रात-दिन बैठकर जिंदल की प्रस्तावित जनसुनवाई को निरस्त कराने के उद्देश्य से आंदोलनरत है। यह आंदोलन केवल विरोध नहीं, बल्कि अपने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए जनता की सामूहिक चेतना का प्रतीक है। यदि शासन-प्रशासन दबाव बनाकर जनता को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा, तो उसका परिणाम इसी प्रकार के जनआक्रोश के रूप में सामने आएगा ये कथन सामाजिक कार्यकर्त्ता प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश संरक्षक श्याम गुप्ता के है उन्होंने कहा ये घटना तमनार जिंदल क्षेत्र के दुःखद है यह बड़ी घटना पूरे प्रदेश के लिए चेतावनी है। अब समय आ गया है कि शासन और प्रशासन अहंकार त्याग कर जनता से सीधे संवाद स्थापित करें। जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वे प्रशासन के साथ मिलकर प्रभावित 14 ग्रामों की जनता से संवाद करें, उनकी आशंकाओं को समझें और विश्वास बहाली के ठोस कदम उठाएं।
जब तक जनता को भरोसे में नहीं लिया जाएगा, तब तक कोई भी परियोजना सफल नहीं हो सकती। लोकतंत्र में शक्ति का स्रोत जनता है और उसका सम्मान ही स्थायी समाधान का मार्ग है। आंदोलन को समाप्त करने का एकमात्र रास्ता यही है कि जनता के हितों को प्राथमिकता दी जाए और निर्णय पारदर्शिता के साथ लिए जाएं मैंने देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को छत्तीसगढ़ के हमारे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी को अपने खून से पत्र जनता हित में निर्णय लेने के लिए लिखा है जिनके उदेश्य मात्र मेरी सम्मानिय जनता है l
