जनता के दबाव में प्रशासन का बड़ा फैसला, जिंदल जनसुनवाई निरस्त करने कलेक्टर ने भेजा पत्र

कड़ाके की ठंड में आंदोलन रंग लाया, तमनार की जनता के हित में कलेक्टर मयंक का निर्णायक कदम


जनभावनाओं की जीत, पर्यावरण विभाग रायपुर को जिंदल जनसुनवाई निरस्तीकरण का अनुरोध

रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में प्रस्तावित जिंदल परियोजना की जनसुनवाई को लेकर लंबे समय से प्रभावित गांवों की जनता में भारी आक्रोश था। जल, जंगल और जमीन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को लेकर ग्रामीणों ने कड़ाके की ठंड में कई दिनों तक लगातार आंदोलन किया। आदिवासी बहुल इस क्षेत्र में पर्यावरणीय संतुलन और मानव जीवन पर संभावित खतरे को लेकर जनआक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा था।
जनता की भावनाओं और जनहित को प्राथमिकता देते हुए जिले के कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बड़ा और संवेदनशील निर्णय लिया है। कलेक्टर द्वारा पर्यावरण विभाग, रायपुर को पत्र भेजकर जिंदल परियोजना की प्रस्तावित जनसुनवाई को निरस्त करने का औपचारिक अनुरोध किया गया है। इस कदम को जनता की आवाज़ की जीत माना जा रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश संरक्षक श्याम गुप्ता ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कलेक्टर मयंक का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का यह निर्णय साबित करता है कि जब जनता एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखती है, तो शासन-प्रशासन को जनहित में निर्णय लेना ही पड़ता है।
यह फैसला तमनार क्षेत्र की जनता के संघर्ष और लोकतांत्रिक चेतना का प्रतीक बनकर सामने आया है मै हर महान व्यक्तित्व को प्रणाम करता हुँ जो बिना राजनीती स्वार्थ के पुरे ईमानदारी से प्रभावित जनता के साथ अपनी समर्थन दे रहें थे साथ दे रहें थे शान्ति पूर्ण आंदोलन में वो भी विशेष सैल्यूट के हिस्सा है जो निश्वार्थ जनता हित में सेवा कार्य करते रहते है l

