Blog

विराट हिंदू सम्मेलन में बाबा अजय उपाध्याय का उद्बोधन, जाति-भेद से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान

बगोध कोटमी में सर्व हिंदू समाज का संगम, संगठन और एकता का दिया गया संदेश

बगोध कोटमी में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में शक्ति जिला के प्रसिद्ध पर्चा वाले बाबा अजय उपाध्याय महराज, पेंड्रावा पहाड़ी हनुमान मंदिर ने अपने ओजस्वी और प्रेरणादायी संबोधन से सर्व हिंदू समाज को एकता के सूत्र में बांधने का संदेश दिया। बाबा अजय उपाध्याय महराज ने कहा कि आज समाज को सबसे अधिक आवश्यकता जाति, वर्ग और संकीर्ण भेदभाव से ऊपर उठकर संगठित होने की है। जब तक हिंदू समाज आपसी मतभेदों में उलझा रहेगा, तब तक उसकी शक्ति बिखरी रहेगी।

उन्होंने जोर देकर कहा कि सनातन धर्म की मूल भावना “वसुधैव कुटुंबकम्” है, जो समरसता, समानता और सहयोग का संदेश देती है। इसी भावना को आत्मसात कर समाज को आगे बढ़ना होगा। बाबा जी ने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे सामाजिक समरसता, संस्कार और संगठन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस गरिमामय अवसर पर सर्व हिंदू समाज के सम्माननीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, संत-महात्मा एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सम्मेलन में वक्ताओं ने भी एक स्वर में हिंदू एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने पर बल दिया। आयोजन शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में सम्पन्न हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
ताज़ा ख़बरें
संकुल स्तरीय टी.एल.एम. मेला का आयोजन पत्रकारों की जमीन पर बनेगा स्टेडियम! छोटे पत्रकारों के आवास का सपना टूटा, प्रेस रिपोर्टर क्लब ने दी ... महिला सशक्तिकरण की मिसाल: अदाणी फाउंडेशन ने 500 से ज्यादा महिलाओं को किया सम्मानित रायगढ़ के व्यापारिक जगत में नई चमक: 'समृद्धि बिजनेस पार्क' का भव्य शुभारंभ 13 मार्च से ग्राम ढोरम विद्यालय में लगा आरोग्य स्वास्थ्य शिविर, 82 मरीजों ने लिया लाभ इंडिया गेट से सोनीपत तक योग की अलख: योग आचार्य अर्जुन सिंह राजपुरोहित ने हजारों लोगों को कराया निःशु... बालोद की पंचायतों में विकास पर सवाल! ‘कमीशन मॉडल’ की चर्चाओं से गरमाई सियासत बच्चों की राशि में खेल! शिक्षक-प्राचार्य खुद बने वेंडर, प्रेस रिपोर्टर क्लब ने दी कड़ी चेतावनी “सनातन धर्म के महान प्रहरी दिलीप सिंह जूदेव को जन्मदिवस पर नमन: पर्चा वाले बाबा अजय उपाध्याय ने किया... “आत्मनिर्भरता के दौर में रिश्तों की दरार: समझ और सम्मान से ही बच सकते हैं संबंध”