Blog

राजपूत करणी सेना को मिला नया नेतृत्व: पिंटू सिंह बने रायगढ़ जिलाध्यक्ष

सामाजिक सरोकारों के सक्रिय योद्धा पिंटू सिंह को करणी सेना की बड़ी जिम्मेदारी

रायगढ़। श्री राजपूत करणी सेना संगठन ने जिले में संगठनात्मक मजबूती की दिशा में अहम कदम उठाते हुए पिंटू सिंह को रायगढ़ जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति से जिले के राजपूत समाज सहित सामाजिक संगठनों में उत्साह का माहौल है। पिंटू सिंह लंबे समय से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं, जिसके चलते संगठन ने उन पर भरोसा जताया है।

पिंटू सिंह समाज के युवाओं को संगठित करने, समाजहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने और जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव आगे रहते हैं। सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी निरंतर सहभागिता, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए करणी सेना ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

नियुक्ति के बाद पिंटू सिंह ने संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे करणी सेना के सिद्धांतों पर चलते हुए समाज की एकता, सम्मान और अधिकारों के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। उन्होंने युवाओं से संगठन से जुड़कर समाज सेवा में भागीदारी निभाने की अपील भी की।

उनकी नियुक्ति से जिले में करणी सेना के कार्यों को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
ताज़ा ख़बरें
संकुल स्तरीय टी.एल.एम. मेला का आयोजन पत्रकारों की जमीन पर बनेगा स्टेडियम! छोटे पत्रकारों के आवास का सपना टूटा, प्रेस रिपोर्टर क्लब ने दी ... महिला सशक्तिकरण की मिसाल: अदाणी फाउंडेशन ने 500 से ज्यादा महिलाओं को किया सम्मानित रायगढ़ के व्यापारिक जगत में नई चमक: 'समृद्धि बिजनेस पार्क' का भव्य शुभारंभ 13 मार्च से ग्राम ढोरम विद्यालय में लगा आरोग्य स्वास्थ्य शिविर, 82 मरीजों ने लिया लाभ इंडिया गेट से सोनीपत तक योग की अलख: योग आचार्य अर्जुन सिंह राजपुरोहित ने हजारों लोगों को कराया निःशु... बालोद की पंचायतों में विकास पर सवाल! ‘कमीशन मॉडल’ की चर्चाओं से गरमाई सियासत बच्चों की राशि में खेल! शिक्षक-प्राचार्य खुद बने वेंडर, प्रेस रिपोर्टर क्लब ने दी कड़ी चेतावनी “सनातन धर्म के महान प्रहरी दिलीप सिंह जूदेव को जन्मदिवस पर नमन: पर्चा वाले बाबा अजय उपाध्याय ने किया... “आत्मनिर्भरता के दौर में रिश्तों की दरार: समझ और सम्मान से ही बच सकते हैं संबंध”