सनातन धर्म स्वतंत्रता, सद्भाव और मानवता का मार्ग – किसी के अहित की नहीं देता शिक्षा : श्याम गुप्ता

सनातन धर्म के नियम कठिन जरूर, पर मानव जीवन को श्रेष्ठ बनाने का मार्ग : श्याम गुप्ता

धर्म को विवाद नहीं, आचरण का विषय बनाएं – समाज को दिया सकारात्मक संदेश

रायपुर। सनातन धर्म को मानव जीवन का सबसे प्राचीन और सच्चा मार्ग माना जाता है, जो व्यक्ति को बंधन में नहीं बल्कि स्वतंत्र होकर सत्य, धर्म और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। सामाजिक कार्यकर्ता श्याम गुप्ता ने कहा कि सनातन धर्म का मूल संदेश है कि व्यक्ति अपने कर्म, आचरण और विचारों को शुद्ध रखे तथा सभी प्राणियों के हित की भावना रखे।
उन्होंने बताया कि सनातन धर्म के नियम और सिद्धांत अत्यंत गहरे और कठिन माने जाते हैं। स्वयं धर्म का पालन करने वाले लोग भी यह स्वीकार करते हैं कि सभी नियमों का पूर्ण पालन करना सरल नहीं है। यही कारण है कि कहा जाता है कि सनातन धर्म का पूर्ण आचरण सतयुग जैसी परिस्थितियों में ही संभव है, जबकि वर्तमान कलयुग में व्यक्ति प्रयास कर सकता है लेकिन पूर्ण रूप से पालन करना कठिन है। इसके बावजूद जो व्यक्ति धर्म के मार्ग पर चलने का प्रयास करता है, उसका जीवन निश्चित रूप से बेहतर और श्रेष्ठ बनता है।
श्याम गुप्ता ने कहा कि जो व्यक्ति वास्तव में धर्म को समझता है, वह कभी किसी धर्म, पंथ या समुदाय की बुराई नहीं करता। सनातन धर्म सदैव सत्य, अहिंसा, सेवा, दया और परोपकार का संदेश देता है और किसी के अहित की भावना नहीं रखता।
उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि धर्म को विवाद का विषय बनाने के बजाय उसे अपने जीवन में आचरण के रूप में अपनाएं। धर्म की सच्ची पहचान मंदिर, पूजा या वाद-विवाद में नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यवहार, कर्म और मानवता में झलकती है।
