पाण्डुलिपियों के संरक्षण में बटमूल कॉलेज के रासेयो इकाई की सक्रिय भागीदारी

ईटीआई प्रशिक्षण के दौरान पाण्डुलिपियां संग्रहण कार्य के लिए पुष्पांजलि दासे एवं डॉ के के गुप्ता को किया गया सम्मान
रायगढ़:- पांडुलिपियों (हस्तलिखित प्राचीन ग्रंथों) का संरक्षण हमारी ज्ञान परंपरा और इतिहास को भावी पीढ़ियों के लिए बचाने की एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा देश की अमूल्य और प्राचीन हस्तलिखित धरोहरों को खोजने, सूचीबद्ध करने और उन्हें संरक्षित करने के लिए शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी महा-अभियान है। इस विशेष सर्वेक्षण की शुरुआत 16 मार्च 2026 को ज्ञान भारतम् पहल के अंतर्गत की गई है। इसी परिप्रेक्ष्य में शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो विनय चौहान, जिला रायगढ़ के कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार, कुलसचिव डॉ तरुणधर दीवान, कार्यक्रम समन्वयक रासेयो डॉ रविन्द्र चौबे, जिला संगठक रासेयो भोजराम पटेल, संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ पी एल पटेल के मार्गदर्शन में तथा डॉ के के गुप्ता कार्यक्रम अधिकारी रासेयो बटमूल कॉलेज द्वारा हमारे पूर्वजों द्वारा रामायण, भागवत गीता एवं अन्य धार्मिक ग्रन्थों में छोड़े गए ज्ञान के अमूल्य खजाने को नष्ट होने से बचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए अभी तक 03 स्रोतों का पता लगाया है जिसमें ग्राम- सकरबोगा, पो.- बनोरा के ग्राम गौंटिया प्रमोद सा पिता स्व गिरधारी सा के पास 20 ताड़ पत्र, बैरागी गुप्ता पिता स्व चंद्र शेखर के पास 01 ताड़ पत्र, श्रीमती बिलास गुप्ता पति श्री ठाकुरदत्त गुप्ता (डॉ केके गुप्ता के माता-पिता)के पास 01 ताड़ पत्र संरक्षित है जो ओडिया भाषा में लिखा हुआ है जो रामायण, भागवत गीता एवं अन्य धार्मिक ग्रन्थों से संबंधित हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रमोद सा ने बताया कि यह पांडुलिपि लगभग 200 से 250 साल पुराना है। जिसे डॉ के के गुप्ता द्वारा उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में ज्ञान भारतम पोर्टल पर ऑनलाइन प्रविष्टि की गई है। प्राप्त पांडुलिपियों का जियोटेक करते समय फोटो एवं वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में अपलोड किया गया है ताकि पांडुलिपि के संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक किया जा सके। इसी कड़ी में कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती पुष्पांजलि दासे ने एक स्रोत का पता लगाया है अशोक पाढ़ी लुड़ेग के पास जिसमें 03 ताड़ पत्र शामिल हैं। इस अभियान में कार्यक्रम अधिकारी रामकुमार पटेल, सौदागर चौहान, सुरेन्द्र दर्शन पाल, संदीप पटेल, तुलसी प्रधान एवं वरिष्ठ स्वयं सेवक नवीन दुबे, सुशांत पटनायक, धीरज पटेल, विजय साहू, हर्ष मालाकार और लवेश कुमार नंद की सक्रिय भागीदारी रही।
