वफादार शेरू ने 18 वर्ष की उम्र में तोड़ा दम, गजानंदपुरम कॉलोनी में शोक की लहर





रायगढ़ गजानंदपुरम कॉलोनी में लोगों का चहेता वफादार कुत्ता शेरू अब नहीं रहा। 18 वर्ष की लंबी उम्र जीने वाले शेरू ने आज मंगलवार अंतिम सांस ली। उसकी निष्ठा और स्नेह ने पूरे मोहल्ले को भावुक कर दिया। कॉलोनी निवासी बलबीर शर्मा ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, “शेरू ने मेरे सामने ही दम तोड़ा, मैं रात ही दिल्ली से लौटा था, शायद वह मेरा इंतजार कर रहा था।”
शेरू का अधिकांश समय कॉलोनी के मंदिर में ही बीतता था। वह मंदिर आने-जाने वालों का स्वागत करता और बच्चों के साथ खेलता था। पूरी कॉलोनी उसे एक परिवार के सदस्य की तरह मानती थी। लोग बताते हैं कि शेरू किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता था, बल्कि सबकी रक्षा करता था।
उसके निधन से कॉलोनी में गहरा शोक छा गया है। मंदिर परिसर में बलबीर शर्मा सहित डॉक्टर श्रीवास्तव जी मंदिर के महराज जी सहित किशोर अग्रवाल, रेखा अग्रवाल, मंजू धारीवाल, बाला शर्मा, विनया कारमोरे, मधु श्रीवास्तव, केशव अग्रवाल, नितिन शर्मा, कार्तिक सभी कॉलोनी के महिला शक्ति द्वारा उसे फूल माला कफन दफन कर सच्ची श्रद्धांजलि दी गई सभी की आंखें नम थीं और हर किसी की जुबान पर एक ही बात थी — “शेरू जैसा वफादार दोस्त फिर नहीं मिलेगा।”
