तमनार में जिंदल प्रोजेक्ट के विरोध में उबाल, ग्रामीणों ने आर्थिक नाकेबंदी आंदोलन शुरू किया

गोपनीय ढंग से फर्जी जनसुनवाई का आरोप, आक्रोशित ग्रामीणों का विस्फोटक विरोध
रायगढ़ तमनार क्षेत्र में जिंदल परियोजना को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। स्थानीय जनता ने आरोप लगाया है कि हजारों लोगों के विरोध और उपस्थिति के बावजूद जनसुनवाई को गोपनीय तरीके से संचालित किया गया, जिससे उनकी आवाज पूरी तरह दबा दी गई। ग्रामीणों ने इसे “फर्जी जनसुनवाई” बताते हुए कहा कि प्रशासन ने जनभावनाओं की अनदेखी कर औपचारिकता निभाने की कोशिश की है।
इसी के विरोध में तमनार व आसपास के गांवों के लोगों ने आर्थिक नाकेबंदी आंदोलन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी बातों को गंभीरता से नहीं सुना जाता और जनसुनवाई पुनः पारदर्शी तरीके से नहीं कराई जाती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए हैं।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शासन–प्रशासन उनकी जमीन, जल, जंगल और जीवन पर असर डालने वाले निर्णय बिना सहमति के लेता है, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन को आगे बढ़ाने को मजबूर होंगे। तमनार क्षेत्र में माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है और जनता अपनी मांगों पर अडिग है।
