Blog

तमनार में जिंदल प्रोजेक्ट के विरोध में उबाल, ग्रामीणों ने आर्थिक नाकेबंदी आंदोलन शुरू किया

गोपनीय ढंग से फर्जी जनसुनवाई का आरोप, आक्रोशित ग्रामीणों का विस्फोटक विरोध

रायगढ़ तमनार क्षेत्र में जिंदल परियोजना को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। स्थानीय जनता ने आरोप लगाया है कि हजारों लोगों के विरोध और उपस्थिति के बावजूद जनसुनवाई को गोपनीय तरीके से संचालित किया गया, जिससे उनकी आवाज पूरी तरह दबा दी गई। ग्रामीणों ने इसे “फर्जी जनसुनवाई” बताते हुए कहा कि प्रशासन ने जनभावनाओं की अनदेखी कर औपचारिकता निभाने की कोशिश की है।

इसी के विरोध में तमनार व आसपास के गांवों के लोगों ने आर्थिक नाकेबंदी आंदोलन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी बातों को गंभीरता से नहीं सुना जाता और जनसुनवाई पुनः पारदर्शी तरीके से नहीं कराई जाती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए हैं।

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शासन–प्रशासन उनकी जमीन, जल, जंगल और जीवन पर असर डालने वाले निर्णय बिना सहमति के लेता है, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन को आगे बढ़ाने को मजबूर होंगे। तमनार क्षेत्र में माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है और जनता अपनी मांगों पर अडिग है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
ताज़ा ख़बरें
संकुल स्तरीय टी.एल.एम. मेला का आयोजन पत्रकारों की जमीन पर बनेगा स्टेडियम! छोटे पत्रकारों के आवास का सपना टूटा, प्रेस रिपोर्टर क्लब ने दी ... महिला सशक्तिकरण की मिसाल: अदाणी फाउंडेशन ने 500 से ज्यादा महिलाओं को किया सम्मानित रायगढ़ के व्यापारिक जगत में नई चमक: 'समृद्धि बिजनेस पार्क' का भव्य शुभारंभ 13 मार्च से ग्राम ढोरम विद्यालय में लगा आरोग्य स्वास्थ्य शिविर, 82 मरीजों ने लिया लाभ इंडिया गेट से सोनीपत तक योग की अलख: योग आचार्य अर्जुन सिंह राजपुरोहित ने हजारों लोगों को कराया निःशु... बालोद की पंचायतों में विकास पर सवाल! ‘कमीशन मॉडल’ की चर्चाओं से गरमाई सियासत बच्चों की राशि में खेल! शिक्षक-प्राचार्य खुद बने वेंडर, प्रेस रिपोर्टर क्लब ने दी कड़ी चेतावनी “सनातन धर्म के महान प्रहरी दिलीप सिंह जूदेव को जन्मदिवस पर नमन: पर्चा वाले बाबा अजय उपाध्याय ने किया... “आत्मनिर्भरता के दौर में रिश्तों की दरार: समझ और सम्मान से ही बच सकते हैं संबंध”