संघर्षशील निर्भीक पत्रकारिता को मिला सम्मानप्रदेश प्रेस रिपोर्टर क्लब ने वरिष्ठ पत्रकार अनिल कुमार अग्रवाल को सौंपा प्रदेश संरक्षक का दायित्व

रायपुर।
छत्तीसगढ़ में निष्पक्ष, निर्भीक और जनपक्षीय पत्रकारिता को सशक्त बनाने की दिशा में प्रदेश प्रेस रिपोर्टर क्लब ने एक अहम निर्णय लेते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता अनिल कुमार अग्रवाल को प्रदेश संरक्षक के गरिमामय पद की जिम्मेदारी सौंपी है। यह नियुक्ति उनके वर्षों के संघर्ष, सैद्धांतिक सोच और जनहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का सम्मान मानी जा रही है।
रायपुर की पुरानी बस्ती बंधवा पारा स्थित साईं सदन से लेकर राज्य-स्तरीय आंदोलनों तक की उनकी यात्रा प्रेरणादायक रही है। स्वर्गीय सुखसागर प्रसाद अग्रवाल के सुपुत्र अनिल अग्रवाल ने गणित (विज्ञान) में स्नातक होने के साथ पत्रकारिता में औपचारिक शिक्षा प्राप्त की और पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज़ बनाने का माध्यम चुना।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान दाऊ आनंद कुमार अग्रवाल के साथ किया गया संघर्ष उनकी वैचारिक नींव बना। वर्ष 2004 से 2015 तक साप्ताहिक समाचार पत्र ‘वफादार साथी’ का प्रकाशन तथा बाद में वफादार साथी मल्टी मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना कर डिजिटल प्लेटफॉर्म vafadarsathi.com के माध्यम से उन्होंने सत्ता और व्यवस्था से निरंतर सवाल किए।
जनहित के मुद्दों पर उन्होंने लेखन के साथ-साथ माननीय उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ (बिलासपुर) में लगभग 15 प्रकरण प्रस्तुत कर पत्रकारिता की प्रभावी भूमिका सिद्ध की। वैचारिक अभिव्यक्ति के कारण अगस्त 2024 में केंद्रीय जेल रायपुर में बिताया गया कठिन समय भी उनके संकल्प को तोड़ नहीं सका।
वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ आरटीआई संघ और श्री बालक भगवान सेवा समिति के माध्यम से सूचना अधिकार, सामाजिक सेवा और जनजागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी ने उनकी नियुक्ति पर कहा कि अनिल अग्रवाल का मार्गदर्शन संगठन को नैतिक मजबूती और स्पष्ट दिशा देगा।
यह नियुक्ति न केवल एक पद, बल्कि संघर्षशील, निर्भीक और जनपक्षीय पत्रकारिता के प्रति विश्वास और सम्मान की सशक्त अभिव्यक्ति है।
जय पत्रकारिता जय पत्रकार
