व्हीकल फिटनेस के नाम पर ‘रेडियम बार कोड’ की आड़ में अवैध वसूली! एटीएस केंद्रों पर दबाव, उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज

फिटनेस में जानबूझकर देरी, अनौपचारिक प्राइस लिस्ट से वसूली का आरोप; प्रेस रिपोर्टर क्लब ने कार्रवाई की उठाई मांग

रायपुर | प्रेस रिपोर्टर क्लब
प्रदेश में व्हीकल फिटनेस प्रक्रिया के नाम पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में संचालित ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) केंद्रों पर वाहन मालिकों और चालकों को अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, कुछ निजी एजेंसियों और उनसे जुड़े लोगों द्वारा रेडियम बार कोड के नाम पर फिटनेस प्रक्रिया को जानबूझकर 2 से 3 दिन तक रोका जा रहा है, जिससे वाहन चालकों पर अतिरिक्त दबाव बनाया जा सके। आरोप है कि फिटनेस शीघ्र कराने के एवज में अनधिकृत राशि की मांग की जाती है।
अनौपचारिक दरों पर वसूली का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, एटीएस केंद्रों पर कथित तौर पर एक अनौपचारिक प्राइस लिस्ट के आधार पर वसूली की जा रही है—
फिटनेस पास: ₹1500 से ₹2000
लाइट: ₹1000
मीटर: ₹1000
टायर: ₹1000
अन्य तकनीकी मदों में अतिरिक्त राशि
वाहन चालकों का कहना है कि राशि देने से इनकार करने पर फिटनेस प्रक्रिया में अनावश्यक अड़चनें डाली जाती हैं या वाहन को फेल दिखाने की शिकायतें सामने आती हैं।
प्रशासनिक संरक्षण का दावा, भय का माहौल
कुछ चालकों ने प्रभावशाली नामों का हवाला देकर डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए हैं, जिसके चलते लोग शिकायत दर्ज कराने से बचते हैं। इससे आम नागरिकों में भय और असहायता का माहौल बन रहा है।
प्रेस रिपोर्टर क्लब की सख्त मांग
प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी के नेतृत्व में संगठन ने मामले को गंभीर बताते हुए मांग की है कि—
व्हीकल फिटनेस व एटीएस व्यवस्था की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए
फिटनेस प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी बनाया जाए
कथित अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगे
दोषियों पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई हो
प्रेस रिपोर्टर क्लब ने स्पष्ट किया है कि यह मामला आम नागरिकों के आर्थिक और कानूनी अधिकारों से जुड़ा है। समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो संगठन इसे जनहित का मुद्दा मानते हुए आंदोलनात्मक रूप से भी उठाएगा।
— प्रेस रिपोर्टर क्लब
प्रदेश अध्यक्ष: संजय सोनी