बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए निकले तीन शिवभक्त, पहले सावन सोमवार को जलाभिषेक का लिया संकल्प



घर के कुएं का पवित्र जल लेकर 14 जुलाई से शुरू हुई पदयात्रा, आस्था और सनातन संस्कृति का दे रहे संदेश

कोरबा (रामपुर)। भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा, दृढ़ संकल्प और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कोरबा जिले के करतला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रामपुर निवासी 25 वर्षीय दिलेश्वर पटेल, ग्राम भेलवाटार (नोनबिर्रा) निवासी 23 वर्षीय चितरंजन राठिया तथा सक्ती जिले के राजापारा निवासी 25 वर्षीय संगम यादव 14 जुलाई से झारखंड के विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) के लिए पदयात्रा पर निकल चुके हैं। तीनों शिवभक्तों ने संकल्प लिया है कि वे सावन के प्रथम सोमवार को बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे और समस्त देशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं विश्व कल्याण की प्रार्थना करेंगे।
इस यात्रा की सबसे विशेष बात यह है कि दिलेश्वर पटेल अपने पैतृक घर के कुएं से पवित्र जल लेकर यात्रा पर निकले हैं। भारतीय सनातन परंपरा के अनुसार श्रद्धा और संकल्प के साथ घर से निकला जल भगवान शिव को अर्पित करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। इसी आस्था को आत्मसात करते हुए उन्होंने अपने घर के जल को कलश में भरकर बाबा बैद्यनाथ के चरणों में अर्पित करने का संकल्प लिया है।
तीनों श्रद्धालु प्रतिदिन लंबी दूरी पैदल तय करते हुए “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष के साथ अपनी यात्रा आगे बढ़ा रहे हैं। रास्ते में विभिन्न गांवों और नगरों के लोग उनका स्वागत कर रहे हैं तथा उनकी सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं।
दिलेश्वर पटेल धार्मिक एवं सनातन जागरण यात्राओं के लिए पहले से ही क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। उन्होंने इससे पहले रामपुर से अयोध्या धाम तक साइकिल यात्रा कर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए थे। इसके अलावा रामपुर से राजस्थान के खाटू श्याम धाम तक पदयात्रा, रामपुर से दिल्ली तक साइकिल यात्रा तथा दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा कर सनातन धर्म जागरण यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाई थी। उनकी इन यात्राओं ने युवाओं को धर्म, संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जागरूकता के प्रति प्रेरित किया है।
अब इस बार उनके साथ चितरंजन राठिया और संगम यादव भी इस कठिन धार्मिक पदयात्रा में सहभागी बने हैं। तीनों युवाओं का कहना है कि यह यात्रा केवल व्यक्तिगत श्रद्धा का विषय नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं और आध्यात्मिक जीवन मूल्यों के संरक्षण एवं प्रचार का भी एक प्रयास है।
यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व ग्राम रामपुर में परिजनों, ग्रामीणों और शिवभक्तों ने तीनों यात्रियों का तिलक लगाकर, पुष्पमालाएं पहनाकर और “बोल बम” के जयघोष के साथ भावभीनी विदाई दी। सभी ने बाबा भोलेनाथ से उनकी सुरक्षित एवं सफल यात्रा की कामना की।
दिलेश्वर पटेल ने प्रस्थान से पूर्व कहा, “हमने बाबा भोलेनाथ की कृपा से यह संकल्प लिया है कि अपने घर के कुएं का पवित्र जल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचेंगे और सावन के पहले सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। हमारी प्रार्थना है कि बाबा भोलेनाथ सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें तथा देश में सद्भाव और धर्म की भावना सदैव बनी रहे।”
ग्राम रामपुर, भेलवाटार (नोनबिर्रा), राजापारा सहित पूरे कोरबा एवं सक्ती जिले में तीनों युवाओं की इस धार्मिक पदयात्रा की व्यापक सराहना हो रही है। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि युवा पीढ़ी द्वारा इस प्रकार की आध्यात्मिक यात्राएं भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और सामाजिक एकता को नई ऊर्जा प्रदान करती हैं। यह पदयात्रा निश्चित रूप से श्रद्धा, सेवा, अनुशासन और संकल्प का प्रेरणादायक संदेश लेकर आगे बढ़ रही है।
