स्थानीय युवाओं के लिए प्रशिक्षण पहल का स्वागत, लेकिन 20 वर्षों की रोजगार नीति पर भी उठे सवाल — श्याम गुप्ता

“हर उद्योग में 50% स्थानीय युवाओं को मिले रोजगार, तभी उद्योगों का वास्तविक लाभ जिले को मिलेगा” — श्याम गुप्ता

रायगढ़। जिला प्रशासन, आईटीआई विभाग एवं जिले के छह प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों के विशेष समन्वय से स्थानीय युवा बेरोजगारों के लिए प्रारंभ की गई कौशल प्रशिक्षण पहल का प्रेस रिपोर्टर क्लब छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्याम गुप्ता ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह पहल स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोल सकती है। उन्होंने जिले के सभी बेरोजगार युवाओं से अपील की कि वे संबंधित विभागों एवं प्रभारी अधिकारियों से संपर्क कर प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाएं, ताकि भविष्य में औद्योगिक प्रतिष्ठानों में रोजगार प्राप्त करने की संभावना बढ़ सके।
श्याम गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन के लिए इच्छुक युवा निम्नलिखित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं—
SECL – सहायक प्रबंधक गजानंद – 9827204224
जिंदल प्लांट – हेमंत वर्मा – 8085957186
NTPC – पंकज गुप्ता – 9425411355
NTPC माइनिंग – अच्युतानंद साहू – 8049332299
जिंदल पावर – ऋषिकेश राय शर्मा – 8349033200
छत्तीसगढ़ बिजली विभाग – आनंद खलखो – 7869029503
आईटीआई धर्मजयगढ़ – पूनम साहू – 9630655977
आईटीआई पुसौर – सोहन लाल साहू – 9584879583
आईटीआई तमनार – पुष्पेंद्र कंवर – 9630655977
आईटीआई खरसिया – विपिन पटेल – 7440940741
आईटीआई लैलूंगा – ज्योतिष मिश्रा – 7891717710
आईटीआई घरघोड़ा – अनिल कश्यप – 9098530724
उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण अभियान के अंतर्गत मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, फिटर, हेवी वाहन ड्राइविंग, सिलाई, होटल मैनेजमेंट तथा अन्य तकनीकी एवं रोजगारोन्मुखी ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जो युवाओं के लिए रोजगार प्राप्त करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की।
श्याम गुप्ता ने शासन-प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे पहले भी रोजगार मेलों का आयोजन हुआ, लेकिन उनका लाभ स्थानीय युवाओं को अपेक्षित स्तर पर नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि यह भी गंभीर प्रश्न है कि रायगढ़ जिले में पिछले लगभग 20 वर्षों से बड़े-बड़े उद्योग स्थापित होने के बावजूद उद्योग प्रभावित क्षेत्रों के स्थानीय युवाओं को प्रारंभ से ही प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं बनाई गई? यदि जिला प्रशासन, उद्योग विभाग, आईटीआई एवं उद्योग प्रबंधन ने समय रहते संयुक्त रूप से कार्य किया होता, तो आज स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए बार-बार आंदोलन और मांग करने की नौबत नहीं आती।
उन्होंने कहा कि जिले के अनेक उद्योगों में ऐसे बाहरी कर्मचारी कार्यरत हैं जिन्होंने हेल्पर के रूप में नौकरी शुरू की और प्रशिक्षण व अनुभव के आधार पर उच्च पदों तक पहुंचे। यदि यही अवसर स्थानीय युवाओं को भी प्रारंभ से दिया जाता, तो वे भी आज तकनीकी, सुपरवाइजरी एवं प्रबंधकीय पदों पर कार्य कर रहे होते और जिले में बेरोजगारी की स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
श्याम गुप्ता ने कहा कि स्थानीय युवा चाहे किसी भी वर्ग या शैक्षणिक स्तर से हों, उन्हें उद्योगों से जोड़ना शासन, प्रशासन, उद्योग विभाग एवं उद्योग प्रबंधन की साझा जिम्मेदारी थी। यदि यह जिम्मेदारी समय पर निभाई जाती, तो रायगढ़ जैसे औद्योगिक जिले में स्थानीय बेरोजगारी की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती थी।
उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि वर्तमान प्रशिक्षण अभियान केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि इसे सीधे रोजगार से जोड़ते हुए प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को उद्योगों में प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति दिलाने की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अंत में सामाजिक कार्यकर्ता श्याम गुप्ता ने रायगढ़ विधानसभा के विधायक एवं प्रदेश के वित्त मंत्री, जिले के सभी विधायकों, जनप्रतिनिधियों, सभी राजनीतिक दलों, युवा संगठनों तथा उद्योग प्रबंधन से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं। उन्होंने मांग की कि जिले के प्रत्येक उद्योग में कम से कम 50 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के नियम का सख्ती से पालन कराया जाए।
उन्होंने कहा कि “जब तक उद्योगों में स्थानीय युवाओं की सम्मानजनक भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक रायगढ़ के औद्योगिक विकास का वास्तविक लाभ स्थानीय लोगों तक नहीं पहुंचेगा। स्थानीय युवाओं को रोजगार देना केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि उद्योगों की नैतिक और विकासात्मक जिम्मेदारी भी है।”
— श्याम गुप्ता
प्रदेश सचिव, प्रेस रिपोर्टर क्लब छत्तीसगढ़ एवं सामाजिक कार्यकर्ता
