“न्याय मिलने तक अन्न त्यागने का ऐलान, सहारा निवेशक विकास निगानिया ने कहा—राशि मिली तो ₹10 लाख कलेक्टर मद में करूंगा जमा”

“सहारा पीड़ित निवेशकों के साथ खड़ा है प्रेस रिपोर्टर क्लब—श्याम गुप्ता ने जिला प्रशासन से तेज प्रयासों की अपील की”
रायगढ़। सहारा इंडिया में वर्षों से अपनी मेहनत की कमाई और भविष्य की उम्मीदों के लिए राशि जमा करने वाले निवेशकों की परेशानी लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। इसी कड़ी में सहारा निवेशक विकास निगानिया ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए घोषणा की है कि यदि उन्हें उनका हक नहीं मिलता है तो वे न्याय मिलने तक अन्न त्यागने का निर्णय ले सकते हैं।
विकास निगानिया का कहना है कि उन्होंने अपने भविष्य को सुरक्षित करने की उम्मीद से अपनी पूरी जमा पूंजी सहारा में लगाई थी, लेकिन राशि वापस नहीं मिलने के कारण उन्हें और उनके जैसे अनेक निवेशकों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें उनकी राशि प्राप्त होती है, तो उसमें से ₹10 लाख कलेक्टर मद में जनहित के कार्यों के लिए जमा करेंगे, ताकि उनकी व्यक्तिगत पीड़ा के साथ समाजहित की भावना भी जुड़ी रहे।
सहारा निवेशकों की समस्याओं को लेकर प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश सचिव श्याम गुप्ता ने जिला शासन-प्रशासन से अपील की है कि निवेशकों को उनकी वैध जमा राशि दिलाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की गति और बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि सहारा में गरीब, मध्यमवर्गीय और सक्षम—हर वर्ग के परिवारों ने अपनी मेहनत की कमाई जमा की है। ऐसे सभी वास्तविक निवेशकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके दावों के निराकरण में हरसंभव सहयोग किया जाना चाहिए।
श्याम गुप्ता ने कहा कि जो भी निवेशक अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए वर्षों से परेशान हैं, उनके साथ प्रेस रिपोर्टर क्लब परिवार मजबूती से खड़ा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि पात्र निवेशकों के मामलों का शीघ्र निराकरण कराने के साथ-साथ यदि किसी मामले में आपराधिक अनियमितता या धोखाधड़ी प्रमाणित होती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि निवेशकों की जमा पूंजी उनके परिवारों की वर्षों की मेहनत, बचत और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ी है। इसलिए इस विषय को केवल आर्थिक विवाद के रूप में नहीं, बल्कि आम परिवारों की चिंता और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दे के रूप में देखा जाना चाहिए।
गौरतलब है कि सहारा की चार सहकारी समितियों के पात्र जमाकर्ताओं के लिए केंद्र सरकार का CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल उपलब्ध है, जिसके माध्यम से वैध दावों की प्रक्रिया संचालित की जा रही है।
— श्याम गुप्ता
प्रदेश सचिव, प्रेस रिपोर्टर क्लब
