पुसौर में गूंजा आदिवासी एकता का संदेश, हजारों की भीड़ ने रैली में दिखाया सामाजिक शक्ति का परिचय



महिला, बच्चे और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा, उत्कृष्ट विद्यार्थियों का हुआ सम्मान


पुसौर। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर पुसौर में सर्व आदिवासी समाज द्वारा भव्य रैली का आयोजन किया गया। बाजार चौक से आदिवासी दिवस के आगाज के साथ ही महिला, बच्चे, युवा एवं बुजुर्ग बड़ी तादाद में रैली में शामिल हुए। हजारों की संख्या में उमड़े सामाजिक जनों ने एकजुटता, सामाजिक जागरूकता और अपनी समृद्ध संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया।
रैली के दौरान आदिवासी समाज के लोगों ने अपनी पारंपरिक संस्कृति, सामाजिक पहचान और अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। पुसौर ब्लॉक के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे समाज प्रमुखों, पदाधिकारियों एवं सामाजिक जनों ने समाज की एकता और नई पीढ़ी को शिक्षा, संस्कार तथा अपनी संस्कृति से जोड़ने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में समाज के उत्कृष्ट एवं मेधावी स्कूली विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। समाज प्रमुखों ने कहा कि शिक्षा ही समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है। बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ अपनी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों से जोड़ना सभी की जिम्मेदारी है।
विश्व आदिवासी दिवस के माध्यम से समाज ने पूरे विश्व को एकता, भाईचारे, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी गौरवशाली परंपराओं, प्रकृति के प्रति सम्मान और सामूहिक जीवन मूल्यों से है। इन परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए निरंतर जनजागरण आवश्यक है।
पुसौर ब्लॉक के आदिवासी समाज प्रमुखों ने बड़ी संख्या में समाज के लोगों की भागीदारी के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठित और शिक्षित समाज ही अपने अधिकारों, संस्कृति और भविष्य को मजबूत बना सकता है। कार्यक्रम ने पुसौर में सामाजिक एकता और जनजागृति का प्रभावशाली संदेश दिया।


