“गौ संरक्षण केवल आस्था नहीं, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय जिम्मेदारी का विषय” — श्याम गुप्ता




राष्ट्रीय एकता के लिए एक-दूसरे की आस्था का सम्मान जरूरी, विलुप्त होती देशी नस्लों के संरक्षण का किया आह्वान

रायगढ़। प्रेस क्लब के प्रदेश सचिव श्याम गुप्ता ने भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता और गौ संरक्षण को लेकर कहा कि देश की राष्ट्रीय एकता, अखंडता और विकास की मजबूत नींव भारतीय संस्कृति के उन संस्कारों में है, जो हमें अपनी पुरातन सभ्यता और परंपराओं का सम्मान करना सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि हम किसी भी धर्म-पंथ से जुड़े हों, लेकिन भारत की सांस्कृतिक विरासत और एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
श्याम गुप्ता ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ सेवा और गौ संरक्षण को सदियों से विशेष सम्मान और स्थान प्राप्त रहा है। गौमाता को भारतीय परंपरा में मातृभाव से देखा गया है। इसलिए गौ संरक्षण को केवल धार्मिक विषय के रूप में नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और नैतिक जिम्मेदारी के रूप में भी देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में कृषि व्यवस्था में तेजी से बदलाव आया है। ट्रैक्टर और आधुनिक कृषि मशीनों के आने से बैल और पशुधन पर निर्भरता कम हुई है। इसके परिणामस्वरूप कई पारंपरिक पशु नस्लों के संरक्षण की चुनौती सामने आई है। उन्होंने देशी गाय और बैल की विलुप्त होती नस्लों के संरक्षण के लिए समाज को आगे आने का आह्वान किया।
गुप्ता ने कहा कि सड़कों पर आवारा पशुओं की समस्या, दुर्घटनाओं में पशुओं की मौत तथा पशुधन के प्रति बढ़ती उदासीनता गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार, प्रशासन, सामाजिक संगठनों, गौसेवकों और आम नागरिकों को मिलकर पशुओं के संरक्षण के लिए प्रभावी प्रयास करने चाहिए।
उन्होंने सभी भारतीयों से अपील करते हुए कहा कि “हम एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करें और भारतीय संस्कृति की पुरातन परंपराओं का सम्मान करते हुए गौ संरक्षण का संकल्प लें। हमारी सांस्कृतिक विरासत तभी मजबूत होगी, जब हम अपनी जिम्मेदारियों को समझेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए इन्हें सुरक्षित रखेंगे।”
श्याम गुप्ता ने अंत में सभी देशवासियों से राष्ट्रीय एकता, अखंडता, सांस्कृतिक विरासत और पशु संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
जय हिंद। जय भारत। जय सनातन संस्कृति।


