रायगढ़ में बनेगा ‘टैगोर कला केंद्र’, चक्रधर कला विरासत को मिलेगा भव्य मंच


₹19.99 करोड़ की लागत से 600 सीटर अत्याधुनिक ऑडिटोरियम सहित विकसित होगा केंद्र, राज्यसभा सांसद एवं राजा चक्रधर सिंह परिवार के वंशज देवेंद्र प्रताप सिंह ने केंद्रीय मंत्री को दिया आमंत्रण संदेश

रायगढ़। रायगढ़ की समृद्ध कला, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। नई दिल्ली में राज्यसभा सांसद एवं राजा चक्रधर सिंह परिवार के वंशज श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत से भेंट कर रायगढ़ में प्रस्तावित ‘टैगोर कला केंद्र’ के लंबित प्रस्ताव पर चर्चा की।
भेंट के दौरान सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने राजा चक्रधर सिंह की महान कला-विरासत और रायगढ़ घराने की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से प्रस्तावित परियोजना को शीघ्र मूर्त रूप देने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत की सहमति मिलने से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
लगभग ₹19.99 करोड़ की लागत से प्रस्तावित टैगोर कला केंद्र में 600 सीटर अत्याधुनिक ऑडिटोरियम, म्यूजिक एवं डांस रूम, मेटल स्कल्पचर एग्जीबिशन हॉल और ओपन-एयर थिएटर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे रायगढ़ को कला, संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए एक आधुनिक एवं प्रतिष्ठित मंच मिलने की उम्मीद है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, राजा चक्रधर सिंह परिवार के वंशज होने के नाते, आगामी 41वें चक्रधर समारोह में शामिल होने के लिए केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत को सादर आमंत्रण संदेश भी दिया। चक्रधर समारोह रायगढ़ की विशिष्ट कला परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।
टैगोर कला केंद्र के साकार होने से महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना, रायगढ़ घराने की समृद्ध परंपरा और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। साथ ही स्थानीय एवं उभरते कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर सुविधाएं और मंच उपलब्ध हो सकेगा।
रायगढ़ की कला, संस्कृति और विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में इस परियोजना को एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।


