कोहिनूर अंजय कुमार सूर्यवंशी की मिसाल: निःशुल्क कोचिंग से 29 से अधिक बच्चे पहुंचे सरकारी नौकरी में



12 वर्षों से गरीब एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को दे रहे निःशुल्क कोचिंग, नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन ने की सराहना



रायगढ़। शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण, मेहनत और सेवा भावना की मिसाल पेश कर रहे रायगढ़ जिले के दिव्यांग शिक्षक कोहिनूर अंजय कुमार सूर्यवंशी आज उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद आगे बढ़ने का सपना देखते हैं। अपने विद्यालय में शिक्षकीय दायित्व निभाने के बाद अतिरिक्त समय निकालकर वे पिछले करीब 12 वर्षों से गरीब, जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग प्रदान कर रहे हैं। उनके निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि आज उनके मार्गदर्शन में पढ़ने वाले 29 से अधिक विद्यार्थी सरकारी नौकरी प्राप्त कर चुके हैं।
कोहिनूर अंजय कुमार सूर्यवंशी का यह प्रयास केवल शिक्षा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे ऐसे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का जज्बा भी पैदा कर रहे हैं, जिनके पास प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। उनका मानना है कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती, आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन और अवसर की होती है।
नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन ने शुरुआती दौर में किया था सहयोग
निःशुल्क कोचिंग के शुरुआती दौर में नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन द्वारा कोहिनूर अंजय कुमार सूर्यवंशी को विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए आवश्यक पुस्तकें, अध्ययन सामग्री एवं संबंधित शैक्षणिक किट उपलब्ध कराकर सहयोग किया गया था। संगठन के इस सहयोग से उन्हें काफी प्रोत्साहन मिला और उन्होंने अपने प्रयासों को और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ाया।
इस उपलब्धि पर नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक श्याम कुमार गुप्ता जी, राष्ट्रीय संरक्षक बलवीर शर्मा जी (पूर्व डिप्टी डायरेक्टर, नेहरू युवा केंद्र, भारत सरकार), राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष हिमांशु चौहान जी, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष गीतांजली जी, प्रदेश महिला अध्यक्ष कविता छाबड़ा जी सहित संगठन के सभी पदाधिकारियों ने कोहिनूर अंजय कुमार सूर्यवंशी को उनके उत्कृष्ट एवं प्रेरणादायी कार्य के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
“आपके सहयोग ने मुझे आगे बढ़ने का हौसला दिया”—कोहिनूर अंजय कुमार सूर्यवंशी


अपनी सफलता और विद्यार्थियों की उपलब्धि पर भावुक होते हुए कोहिनूर अंजय कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन द्वारा कोचिंग के शुरुआती दौर में दिया गया सहयोग उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण था।
उन्होंने कहा, “आप लोगों के सहयोग से मुझे काफी प्रोत्साहन मिला। मैंने कभी रुकने का विचार नहीं किया और धीरे-धीरे अपने प्रयास को आगे बढ़ाता रहा। आज मुझे खुशी है कि मेरे मार्गदर्शन में पढ़ने वाले 29 से अधिक बच्चे सरकारी नौकरी में जा चुके हैं। इसमें कहीं न कहीं नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन के सहयोग और प्रोत्साहन का भी बड़ा योगदान है।”
उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे हमेशा संगठन के लिए दुआ करेंगे और आगे भी इसी तरह आशीर्वाद एवं सहयोग की अपेक्षा रखते हैं, ताकि इस निःशुल्क कोचिंग को जनसहयोग के माध्यम से और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा सके।
कोहिनूर अंजय कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि उनका उद्देश्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर और संसाधनों से वंचित विद्यार्थी भी अच्छी शिक्षा प्राप्त कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करें और सरकारी सेवाओं में अपना भविष्य बनाएं।
शिक्षा के माध्यम से बदल रहे विद्यार्थियों का भविष्य

दिव्यांग शिक्षक कोहिनूर अंजय कुमार सूर्यवंशी का प्रयास यह साबित करता है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो परिस्थितियां कभी बाधा नहीं बन सकतीं। अपने व्यक्तिगत संघर्षों के बावजूद उन्होंने जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए शिक्षा को सेवा का माध्यम बनाया और लगातार उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार कर रहे हैं।
नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन ने कोहिनूर अंजय कुमार सूर्यवंशी के इस सेवाभावी एवं प्रेरणादायी कार्य की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। संगठन ने कहा कि ऐसे शिक्षक समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो अपनी जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर जरूरतमंद बच्चों के भविष्य को संवारने में अपना समय और ज्ञान समर्पित कर रहे हैं।
“एक शिक्षक केवल शिक्षा नहीं देता, वह सपनों को उड़ान देने का काम करता है।”
कोहिनूर अंजय कुमार सूर्यवंशी का यह निःशुल्क शिक्षा अभियान लगातार जारी है और उनका लक्ष्य है कि अधिक से अधिक जरूरतमंद छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर आत्मनिर्भर बनें तथा अपने परिवार और समाज का नाम रोशन करें।


