एकताल पंचायत के स्कूल में जनप्रतिनिधि की अनदेखी पर दलित सरपंच हिमांशु चौहान नाराज, बार-बार उपेक्षा का आरोप


रायगढ़। ग्राम पंचायत एकताल के स्कूल में आयोजित कार्यक्रमों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत एकताल के सरपंच हिमांशु चौहान ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह कोई एक बार की घटना नहीं है, बल्कि कई बार ऐसी स्थिति सामने आ चुकी है।
दलित सरपंच हिमांशु चौहान का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में आयोजित शैक्षणिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता और सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि बार-बार उन्हें तथा पंचायत प्रतिनिधियों को कार्यक्रमों से दूर रखा जा रहा है, जिससे जनप्रतिनिधियों में नाराजगी है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को लगातार आमंत्रित नहीं किया जाता है, तो इसके पीछे किसी प्रकार का भेदभाव है या नहीं, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति या समुदाय के प्रति पूर्वाग्रह के बजाय पूरे मामले को तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए।
हिमांशु चौहान रायगढ़ जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष होने के साथ-साथ प्रदेश सरपंच संघ के उपाध्यक्ष भी हैं। पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों एवं सम्मान के लिए आवाज उठाने के साथ-साथ वे विभिन्न सामाजिक सेवा गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से अपनी सहभागिता निभाते हैं।
सरपंच ने कहा कि स्कूल शिक्षा का मंदिर है और यहां किसी भी प्रकार का जातीय, सामाजिक या राजनीतिक भेदभाव नहीं होना चाहिए। कार्यक्रमों में पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों की सहभागिता से ही सकारात्मक एवं समावेशी वातावरण तैयार होगा।
मामले को लेकर ग्रामीणों के बीच भी चर्चा है। अब देखना होगा कि संबंधित शिक्षा विभाग और प्रशासन इस शिकायत पर क्या संज्ञान लेते हैं तथा भविष्य में स्कूल के कार्यक्रमों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

