एग्रीटेक की परेशानी से लेकर खाद की किल्लत तक—किसानों ने उठाई आवाज, आगामी बैठक में जमीनी संघर्ष की तैयारी


बिजली बिल में बेतहाशा बढ़ोतरी और फ्लाई ऐश की समस्या पर भी किसानों में नाराजगी, समस्याओं के समाधान के लिए बनेगी विस्तृत रणनीति

रायगढ़। बीते दिनों विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे किसानों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसानों से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई। बैठक में प्रमुख रूप से एग्रीटेक, खाद की उपलब्धता, बिजली बिल में बेतहाशा बढ़ोतरी, बिजली की आंख-मिचौली तथा फ्लाई ऐश की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया।
बैठक में किसानों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि राजस्व विभाग और सरकारी रिकॉर्ड में किसानों से जुड़ी अधिकांश जानकारी पहले से उपलब्ध है, इसके बावजूद एग्रीटेक के नाम पर किसानों को बार-बार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कौन-सी जानकारी है, जिसके लिए उन्हें बार-बार प्रक्रिया के नाम पर परेशान होना पड़ रहा है।
खाद को लेकर भी किसानों में नाराजगी देखने को मिली। किसानों का कहना है कि सोसाइटी में खाद उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें हर तीसरे-चौथे दिन चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। समय पर खाद नहीं मिलने से खेती-किसानी प्रभावित होने की चिंता किसानों ने जताई।
बैठक में बिजली की समस्या और बढ़े हुए बिजली बिल को लेकर भी किसानों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। किसानों का कहना था कि एक ओर सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली बिल और गैस सहित घरेलू खर्चों में बढ़ोतरी से आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। बिजली की आंख-मिचौली से भी ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी फ्लाई ऐश की समस्या को भी किसानों ने गंभीर मुद्दा बताते हुए इसके प्रभाव और समाधान पर चर्चा की।
बैठक में तय किया गया कि किसानों की इन समस्याओं को लेकर आगामी बैठक में विस्तृत रूपरेखा तैयार की जाएगी। किसानों के हित में समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन और संबंधित विभागों के समक्ष मजबूती से अपनी बात रखने के साथ आवश्यकता पड़ने पर लोकतांत्रिक एवं जमीनी संघर्ष का रास्ता अपनाने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में किसान नेता लल्लू सिंह, हरविंद चौधरी, नीलकंठ साहू, सरजीत सिंह, सुनील पटेल, जनक राम साव, भीम दास महंत, दलवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान एवं किसान हितैषी उपस्थित रहे।
किसानों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि खेती-किसानी से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के समाधान और किसानों को अनावश्यक परेशानियों से राहत दिलाने के लिए है।

