कसहीबाहरा स्कूल में गुरुजनों का सम्मान , प्रतियोगिता में बच्चों ने बिखेरा हुनर


पिथौरा। शासकीय उच्च प्राथमिक शाला कसहीबाहरा में महान शिक्षक एवं देश के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस उत्साह, उमंग एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. राधाकृष्णन के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अपने हाथों से तैयार किए बुके एवं शुभकामना कार्ड भेंट किए तथा पुष्प वर्षा कर शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।
संस्था प्रमुख हेमंत खुटे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षक दिवस के महत्व तथा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ शिक्षिका तबस्सुम शेख तथा शिक्षक घनश्याम ठाकुर एवं संतोष साहू ने भी विद्यार्थियों को प्रेरणादायी संबोधन दिया।
प्रतियोगिताओं में दिखा हुनर

शिक्षक दिवस को यादगार बनाने के लिए विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए चित्रकला, निबंध लेखन, श्रुतिलेख, सुलेख, सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी तथा ‘एक दिन का शिक्षक’ जैसी विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हुए अपनी रचनात्मकता, ज्ञान एवं अभिव्यक्ति कौशल का प्रदर्शन किया।
चित्रकला में अनुज कुमार सेन प्रथम, सौरभ यादव द्वितीय तथा अनुष्का यादव तृतीय रहे। निबंध लेखन में हेमकुमारी ने प्रथम, साधना ने द्वितीय तथा योगेश यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी में कुलदीप पटेल प्रथम, भोमेश पटेल द्वितीय तथा हरीश यादव तृतीय रहे। श्रुतिलेख में शीला प्रथम, योगेश्वरी ध्रुव द्वितीय तथा हिमेश्वरी यादव तृतीय रहीं। सुलेख में लिलेश्वरी पटेल प्रथम, चंद्रभान द्वितीय तथा गगन साहू तृतीय रहे।
‘एक दिन का शिक्षक’ गतिविधि में दुष्यंत यादव ने प्रथम तथा कुलदीप पटेल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
न्योता भोज और उपहारों ने बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम के अवसर पर संस्था प्रमुख हेमंत खुटे द्वारा विद्यार्थियों के लिए न्योता भोज का आयोजन किया गया। बच्चों ने सामूहिक रूप से भोजन का आनंद लिया। प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को ड्राइंग बुक, कलर सेट, पत्रिका, पेन, स्केल, पेंसिल सहित विभिन्न शैक्षिक सामग्री प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। वहीं क्रिकेट में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को बैट भी प्रदान किए गए।
हेमंत खुटे ने कहा कि प्रतियोगिता में जीत से अधिक महत्वपूर्ण उत्साहपूर्वक भाग लेना, अपनी प्रतिभा को पहचानना और प्रत्येक गतिविधि से कुछ नया सीखना है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षक दिवस का यह आयोजन गुरु सम्मान के साथ बच्चों की प्रतिभा को मंच देने वाला प्रेरणादायी अवसर बना। विविध गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, ज्ञानार्जन एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित हुई। आयोजन ने विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।
