मुख्यमंत्री जी के किसान रूप ने श्याम कुमार गुप्ता को दिलाई बचपन की याद, बोले—अब फिर खेतों में हल और बैल दिखें



“घर-घर गौवंश, सुरक्षित गौवंश” अभियान के साथ गौसंरक्षण रथयात्रा निकले—मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हो क्रांतिकारी पहल : श्याम कुमार गुप्ता

रायगढ़। मुख्यमंत्री श्रद्धेय विष्णु देव साय जी का किसान रूप में सामने आया फोटो देखकर प्रेस रिपोर्टर क्लब छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव एवं “नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन” के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम कुमार गुप्ता भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी की किसान के रूप में तस्वीर ने उन्हें अपने बचपन के उन दिनों की याद दिला दी, जब गांवों में किसान सुबह होते ही कंधे पर हल लेकर या बैलों के साथ खेतों की ओर निकल जाते थे। उस समय खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि गांव के जीवन और हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा थी।
श्याम कुमार गुप्ता ने कहा कि समय बदला, खेती आधुनिक हुई और ट्रैक्टर सहित अनेक सुविधाएं किसानों तक पहुंचीं। यह विकास आवश्यक है, लेकिन इसी बदलाव के दौर में गौमाता और बैलों की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। आज बड़ी संख्या में गौवंश सड़कों पर लावारिस घूमता दिखाई देता है और सड़क दुर्घटनाओं में बेजुबान पशुओं की जान जा रही है। यह स्थिति गंभीर चिंता और आत्ममंथन का विषय है।


उन्होंने मुख्यमंत्री से विनम्र अपील करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में गौवंश संरक्षण को लेकर व्यापक और तेज जनअभियान शुरू किया जाए। ऐसा अभियान हो, जिसके माध्यम से लोगों को प्रेरित किया जाए कि सड़क पर भटक रही गायों और बैलों को केवल लावारिस पशु न समझें, बल्कि उन्हें अपने परिवार और समाज की जिम्मेदारी मानते हुए सुरक्षित आश्रय दें।
उन्होंने अपने बचपन की यादों का उल्लेख करते हुए कहा कि गांव के लगभग हर घर में कई गायें हुआ करती थीं। उस समय लोग यह नहीं सोचते थे कि गाय से उन्हें कितना आर्थिक लाभ होगा या नुकसान। गौमाता को श्रद्धा, सम्मान और परिवार के सदस्य के रूप में रखा जाता था। यही कारण था कि गांवों में गौवंश के लावारिस होने की समस्या इतनी भयावह नहीं थी।
श्याम कुमार गुप्ता ने कहा कि आज आवश्यकता है कि उस गौ-संस्कृति और संवेदनशीलता को आधुनिक व्यवस्था के साथ फिर से जोड़ा जाए। प्रदेश सरकार के नेतृत्व में गौसेवा आयोग, समाजसेवी संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक क्लबों, किसानों और ग्रामीणों को साथ लेकर विशेष अभियान चलाया जा सकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि “घर-घर गौवंश, सुरक्षित गौवंश” जैसे जनजागरण अभियान के साथ प्रदेशभर में गौसंरक्षण रथयात्रा निकाली जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे परिवारों और किसानों को प्रोत्साहित किया जाए, जिनके पास पर्याप्त स्थान और संसाधन हैं तथा जो गौवंश की जिम्मेदारी लेने के इच्छुक हैं। साथ ही सड़क पर घूमने वाले गौवंश के लिए सुरक्षित आश्रय, पहचान, उपचार और पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए।
उन्होंने कहा कि गौमाता हमारे ग्रामीण जीवन, कृषि व्यवस्था और भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं। इसलिए गौसंरक्षण केवल धार्मिक विषय नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना, पशु कल्याण, सड़क सुरक्षा और हमारी ग्रामीण परंपराओं से जुड़ा विषय भी है।
श्याम कुमार गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की किसान के रूप में दिखाई दे रही तस्वीर ने उनके भीतर एक उम्मीद जगाई है कि वह दौर फिर लौट सकता है, जब खेतों में हल और बैल दिखाई दें और आधुनिक खेती के साथ गौवंश का सम्मान और संरक्षण भी हमारी प्राथमिकता बने।
उन्होंने कहा, “मैं, प्रेस रिपोर्टर क्लब छत्तीसगढ़ का प्रदेश सचिव एवं “नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन” है। का संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते, इस जनकल्याणकारी अभियान में मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में सहभागी बनने के लिए पूरी तरह तैयार हूं। मेरा आग्रह है कि छत्तीसगढ़ में गौवंश संरक्षण के लिए शीघ्र एक व्यापक, ठोस और जनभागीदारी आधारित पहल शुरू की जाए।”
अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री जी, आप पहल कीजिए—समाज आपके साथ खड़ा होगा। जय गौमाता!”
जय हिंद!
वंदे मातरम्!
जय छत्तीसगढ़!

