बी. एस. स्पंज की प्रस्तावित परियोजना के खिलाफ पिंटू सिंह के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन

रायगढ़। औद्योगिक प्रगति के नाम पर पर्यावरणीय दबाव बढ़ने को लेकर पिंटू सिंह, जिला अध्यक्ष स्वास्तिक मजदूर सेवा समिति संगठन, रायगढ़ के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान प्रस्तावित बी. एस. स्पंज स्टील एवं पावर परियोजना से होने वाले संभावित पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर चिंता जताई गई।
पिंटू सिंह ने कहा कि रायगढ़ पहले से ही औद्योगिक प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में नई विशाल औद्योगिक परियोजना शुरू करने से पहले यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि स्थानीय हवा, पानी, जमीन और ग्रामीण क्षेत्रों पर इसका कितना प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि परियोजना में प्रतिदिन 6,716 KLD यानी लगभग 67.16 लाख लीटर पानी की आवश्यकता बताई गई है। वहीं करीब 1,228 KLD यानी 12.28 लाख लीटर प्रतिदिन अपशिष्ट जल उत्पन्न होने का उल्लेख है। ऐसे में स्थानीय जलस्रोतों और पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर जनता के सवालों का स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा Zero Liquid Discharge (ZLD), वायु प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण और ग्रीनबेल्ट जैसे उपायों का दावा किया गया है, लेकिन इन व्यवस्थाओं की वास्तविक और निरंतर निगरानी सुनिश्चित करना आवश्यक है।
पिंटू सिंह ने मांग की कि परियोजना को लेकर होने वाली पर्यावरणीय जनसुनवाई में स्थानीय ग्रामीणों और प्रभावित लोगों के सवालों का स्पष्ट जवाब दिया जाए तथा परियोजना के संचयी पर्यावरणीय प्रभाव का भी निष्पक्ष आकलन किया जाए।
उन्होंने कहा कि स्वास्तिक मजदूर सेवा समिति संगठन विकास और रोजगार के खिलाफ नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर पर्यावरण और आम जनता के स्वास्थ्य से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पिंटू सिंह ने प्रशासन से मांग की कि स्थानीय जलस्रोतों, वायु गुणवत्ता, भारी वाहनों की आवाजाही, प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था और भविष्य में पर्यावरणीय मानकों के पालन को लेकर ठोस एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उनका कहना है कि रायगढ़ में उद्योग लगें, रोजगार बढ़े और विकास हो, लेकिन यह विकास स्थानीय जनता की हवा, पानी और पर्यावरण की कीमत पर नहीं होना चाहिए।
